तपती गर्मी में झुलस रही टमाटर की फसल, बचाव के लिए अपनाने होंगे ये उपाय

तपती गर्मी में झुलस रही टमाटर की फसल, बचाव के लिए अपनाने होंगे ये उपाय


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तपती गर्मी में झुलस रही टमाटर की फसल, बचाव के लिए अपनाने होंगे ये उपाय

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Agriculture News: किसान पूरनलाल कुशवाहा ने लोकल 18 से कहा कि टमाटर की फसल को बचाने के लिए सुबह और शाम के समय सिंचाई करना सबसे प्रभावी तरीका है. इससे पौधों की जड़ों में नमी बनी रहती है. इसके अलावा स्प्रे के माध्यम से पत्तियों पर पानी का हल्का छिड़काव करने से पौधों को ठंडक मिलती है और वे गर्मी से कुछ हद तक सुरक्षित रहते हैं.

सीधी. मध्य प्रदेश में सूरज के प्रचंड तेवर से प्रदेश के कई शहर तप रहे हैं. प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. हाल के दिनों में सीधी जिले में भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी गहरा असर देखने को मिल रहा है. भीषण गर्मी ने टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है. सीधी जिले के किसान पूरानलाल कुशवाहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने करीब दो एकड़ में टमाटर की खेती की है लेकिन इस बार की तेज गर्मी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पौधे सूखकर गिर रहे हैं जबकि टमाटर के फलों पर दाग पड़ने लगे हैं. इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ रहा है. अगर मौसम अनुकूल रहता तो इस फसल से दो और बार उत्पादन लिया जा सकता था लेकिन अब नुकसान की आशंका बढ़ गई है.

किसान का कहना है कि जिस तरह इंसानों को लू लगती है, उसी तरह पौधे भी हीटवेव को सहन नहीं कर पाते. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण पौधों की नमी खत्म हो जाती है, जिससे वे कमजोर होकर सूखने लगते हैं. ऐसे हालात में फसल को बचाने के लिए तापमान नियंत्रण बेहद जरूरी हो जाता है. किसान पूरनलाल कुशवाहा ने कहा कि टमाटर की फसल को बचाने के लिए सुबह और शाम के समय सिंचाई करना सबसे प्रभावी तरीका है ताकि पौधों की जड़ों में नमी बनी रहे. इसके अलावा स्प्रे के जरिए पत्तियों पर पानी का हल्का छिड़काव करने से पौधों को ठंडक मिलती है और वे गर्मी के असर से कुछ हद तक सुरक्षित रहते हैं.

कार्बेंडाजिम का छिड़काव
उन्होंने आगे कहा कि रोगों से बचाव के लिए कार्बेंडाजिम का छिड़काव भी किया जा सकता है. हालांकि वह मानते हैं कि यह पूरी तरह समाधान नहीं है. ऐसे में जैविक उपायों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. नीम के तेल या जैविक कीटनाशकों का हल्का छिड़काव करने से गर्मी में पनपने वाले कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है.

पौधों की इम्युनिटी बनाए रखना जरूरी
किसान ने कहा कि इस मौसम में पौधों की इम्युनिटी बनाए रखना बेहद जरूरी है, इसलिए भारी रासायनिक खादों के इस्तेमाल से बचना चाहिए क्योंकि इससे पौधे और अधिक कमजोर हो सकते हैं. इसके बजाय जैविक खाद या लिक्विड फर्टिलाइजर का उपयोग ज्यादा लाभकारी होता है. साथ ही मिट्टी में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने से टमाटर में ब्लॉसम एंड रॉट जैसी समस्याओं से बचाव संभव है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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