बुरहानपुर में ताप्ती नदी के किनारे स्थित राजघाट पर ताप्ती सेवा समिति ने जन-जागरूकता अभियान के तहत महा आरती का आयोजन किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षा, स्वच्छता और सावधानी का संदेश दिया। अभियान के तहत, समिति ने राजघाट पर नाव संचालक सदाशिव शिंदे से चर्चा की। उन्हें हाल ही में हुए बर्गी डैम हादसे की जानकारी देते हुए जल पर्यटन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर जोर दिया गया। शिंदे ने सभी यात्रियों से लाइफ जैकेट पहनने, नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक लोग न बैठाने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की। इस अवसर पर ताप्ती सेवा समिति की अध्यक्ष सरिता भगत ने शासन से महत्वपूर्ण मांग की। उन्होंने कहा कि बर्गी डैम हादसे ने आपदा की स्थिति में हमारी तैयारियों की पोल खोल दी है। जबलपुर के पास हुए इस हादसे में बचाव दल को अन्य क्षेत्रों से पहुंचना पड़ा, जिससे बचाव कार्य में गंभीर देरी हुई। भगत ने स्पष्ट मांग की कि जब तक प्रत्येक एडवेंचर स्थल पर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित बचाव दल, आवश्यक उपकरण और स्पष्ट जिम्मेदारियां तय नहीं की जातीं, तब तक पूरे प्रदेश में संचालित सभी एडवेंचर गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई जाए। समिति ने यह भी रेखांकित किया कि जल पर्यटन और अन्य एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसा न करने पर भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं। कार्यक्रम में पंडित तपन पाठक, रजनी गट्टानी, मंगल दुबे, राजीव खेड़कर, धर्मेंद्र सोनी, विनय पुनीवाला, पुनीता साकले, मोहन दलाल, वरुण चौधरी, ज्योति महाजन, राजेंद्र शाह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अंत में, वरिष्ठ सदस्य अताउल्ला खान और कविता चौहान ने आमजन से अपील की कि वे नदी एवं पर्यटन स्थलों पर जाते समय सतर्कता बरतें। उन्होंने सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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