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Burhanpur News: किसान गौरव चौधरी ने लोकल 18 से कहा, ‘मैं CA बनना चाहता था लेकिन मैंने जैसे ही पढ़ाई-लिखाई की, तो मुझे लगा कि बाहर नौकरी करने में काफी परेशानी हो सकती है, इसलिए मैंने अपने परिवार द्वारा जो खेती की जा रही थी, उसी को चुना और खेती में नवाचार किया.’
बुरहानपुर. मध्य प्रदेश के युवाओं में भी खेती-किसानी को लेकर जोश-जज्बा और जुनून देखने को मिलता है क्योंकि यहां का युवा पढ़ाई तो कर रहा है और पढ़ाई-लिखाई करने के बाद वह बड़े शहर जाने के बजाय अपने ही गांव लौटकर आ जाता है. आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे युवा किसान की, जो मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्राम फोपनार के रहने वाले हैं. इनका नाम गौरव चौधरी (35) है. गौरव ने बीकॉम की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद पीजीडीसीए किया लेकिन उन्होंने अपने गांव और अपनी खेती को नहीं छोड़ा. परिवार के लोग परंपरागत खेती करते थे. उन्होंने उससे हटकर खेती शुरू की. वह केला, मक्का और चना लगाकर 10 एकड़ खेत से लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं और 15 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं.
किसान गौरव चौधरी ने लोकल 18 से बातचीत में कहा, ‘मैं सीए बनना चाहता था लेकिन मैंने जैसे ही पढ़ाई-लिखाई की, तो मुझे लगा कि बाहर नौकरी करने में काफी दिक्कत हो सकती है, इसलिए मैंने अपने घर-परिवार के लोगों द्वारा जो खेती की जा रही थी, उस खेती को चुना और खेती में नवाचार किया. मेरे परिवार के लोग केवल केले की खेती करते थे लेकिन अब मैं 10 एकड़ में मिक्स खेती करता हूं. मेरे द्वारा केला, मक्का, चना और सब्जी-भाजी की खेती की जाती है, जिससे मैं हर साल चार से पांच लाख रुपये की कमाई कर लेता हूं. मैं अपने क्षेत्र के 15 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रहा हूं. मेरा लक्ष्य अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देना है, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं.’
माता-पिता की सेवा और खेती
गौरव ने कहा, ‘अगर मैं नौकरी करता, तो मुझे बाहर जाना पड़ता, जिससे मेरे माता-पिता से मैं दूर रहता लेकिन मेरा सपना शुरू से ही माता-पिता से अलग होने का नहीं था. उन्हें छोड़ने का नहीं था, इसलिए मैंने खेती को अपनाया और अपने गांव में रहकर ही मैं अब खेती कर रहा हूं, जिससे माता-पिता की सेवा भी हो जाती है और मैं खेती पर भी ध्यान दे देता हूं. इससे अच्छा उत्पादन होता है और अच्छी कमाई हो जाती है.’
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.