सियासी मैदान में दिलचस्प जोड़ियां, कहीं दोस्त तो कहीं समधी-समधन आपस में लड़ रहे चुनावी जंग

सियासी मैदान में दिलचस्प जोड़ियां, कहीं दोस्त तो कहीं समधी-समधन आपस में लड़ रहे चुनावी जंग


मध्य प्रदेश उपचुनाव में 3 नवंबर को वोटिंग होनी है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) के सियासी रण में प्रत्याशी प्रतिद्वंदी बन कर एक दूसरे को मात देने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) के सियासी रण में प्रत्याशी प्रतिद्वंदी बन कर एक दूसरे को मात देने की कोशिश में जुटे हुए हैं. वहीं प्रतिद्वंद्वियों के बीच में अजब गजब रिश्ता होने के साथ ही दिलचस्प जोड़ियां भी मैदान में उतरी है. उपचुनाव के मैदान में एक दूसरे के सामने दोस्त प्रतिद्वंदी बन कर खड़े हैं तो कहीं पर समधी और समधन एक दूसरे के विरोधी बन कर चुनाव में उतरे हैं तो कहीं पर कभी एक साथ जीत के लिए मेहनत करने वाले अब एक दूसरे के प्रतिद्वंदी बनकर जीत की कोशिशों में जुटे हैं.

ग्वालियर क्षेत्र की डबरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा से इमरती देवी मैदान में है तो वहीं कांग्रेस से सुरेश राजे जीत के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे है. रिश्तों की डोर के बीच अब सियासी डगर में समधी और समधन आमने सामने है. ग्वालियर की मेहगांव सीट पर भाजपा से ओपीएस भदौरिया तो कांग्रेस से हेमंत कटारे जीत के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. भदौरिया और कटारे अच्छे दोस्त माने जाते रहे हैं. दोस्ती के चलते दोनों ही एक दूसरे की राजनीति के कभी आड़े नहीं आए, लेकिन अब सियासी समीकरण पूरी तरह से बदल चुके हैं. ओपीएस भदोरिया सिंधिया के साथ जाकर भाजपा के उम्मीदवार बन गए. दोनों दोस्त अब प्रतिद्वंदी बन कर एक दूसरे के सामने जीत के लिए ताल ठोक रहे हैं.

इनके सुधरे संबंध
गोहद सीट से भाजपा उम्मीदवार रणवीर जाटव और लाल सिंह आर्य अब एक साथ चुनाव प्रचार में उतरे हैं, लेकिन कभी इन दोनों नेताओं के बीच तकरार चर्चा का विषय हुआ करती थी. भाजपा के पूर्व मंत्री और भाजपा उम्मीदवार रणवीर जाटव हाथों में हाथ डालकर एक दूसरे के साथ प्रचार के दौरान साथ घूम रहे हैं, लेकिन इससे पहले रणवीर जाटव ने लाल सिंह आर्य को पिता की हत्या का आरोपी बताया था. भाजपा नेता लाल सिंह आर्य मामले में बरी हो गए. अब समीकरण बदलने के साथ ही रणवीर जाटव कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए. एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले जाटव और आर्य को उपचुनाव में प्रचार में साथ आना पड़ा. अब दोनों दुश्मन दोस्त बन कर एक दूसरे के साथ प्रचार में साथ घूम रहे हैं.यहां अपने ही आमने-सामने

हाटपिपलिया विधानसभा सीट से मनोज चौधरी अब भाजपा के खेमे में हैं. कांग्रेस से मैदान में उतरे राजवीर सिंह बघेल और मनोज चौधरी 2018 के चुनाव में एक साथ एक ही पार्टी से थे, लेकिन अब दोनों ही प्रतिद्वंदी बन कर एक दूसरे के खिलाफ मैदान में खड़े हैं. ग्वालियर सीट से प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस उम्मीदवार सुनील शर्मा भी सिंधिया के खेमे के ही रहे हैं. दोनों के गुरु तो एक रहे और अब दोनों ही भाजपा और कांग्रेस से मैदान में उतरकर दो-दो हाथ करने सामने खड़े हैं.





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