इंदौर26 मिनट पहले
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नेहरू पार्क रेलवे स्टेशन मेन रोड पर ड्रेनेज की पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की गई।
- पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 80 करोड़ रुपए खर्च हुए, 60 किलोमीटर सीवर लाइन डाली गई
- निगमायुक्त बोलीं – अगले एक सप्ताह में सभी तरह के लीकेज ट्रेस कर बंद किया जाएगा
नगर निगम ने नदी शुद्धीकरण के पहले चरण को आखिरकार तय समय सीमा में 26 अक्टूबर तक पूरा कर लिया। एक सप्ताह तक हर उस लीकेज को बंद करने का अभियान चलेगा, जिससे थोड़ा भी गंदा पानी नदी में आ रहा है। काम खत्म होने पर निगमायुक्त प्रतिभा पाल, अपर आयुक्त संदीप सोनी ने 12.4 किमी रूट फिर से देखा। अमितेष नगर के आउट फॉल को ट्रेप कर दिया गया था, लेकिन फिर भी थोड़ा गंदा पानी लीक होता रहा। उसे बंद करने का काम रात 12 बजे तक चलता रहा। ऐसी ही परेशानी लालबाग के पीछे कचरा ट्रांसफर स्टेशन के पास के आउटफॉल को लेकर आई। इसका लीकेज देर शाम बंद हो सका। निगमायुक्त ने बताया अगले एक सप्ताह में सभी तरह के लीकेज ट्रेस कर उन्हें भी पक्के तौर पर बंद किया जाएगा।
208 मेजर और 278 घरेलू आउट फॉल किए बंद
सरस्वती नदी शुद्धीकरण में 208 मेजर आउट फाल और 278 घरेलू आउट फाल ट्रैप किए गए। हुक्माखेड़ी तालाब पर एसटीपी प्लांट के निर्माण के साथ ही रेती मंडी, हवा बंगला तरफ से आने वाले ड्रेनेज को ट्रैप किया गया है और यहां से 7 एमएलडी सीवर ट्रीट किया जा रहा है। इसी प्रकार राजेंद्र नगर, धन्वंतरी नगर, सूर्यदेव नगर के सीवरेज का ट्रेपिंग कर राजेंद्र नगर प्रतीक सेतु 8 एमएलडी के एसटीपी से जोड़ा गया। तीसरा नहर भंडारा पर 11 एमएलडी का एसटीपी सिलीकान सिटी व बाईपास से आने वाली सभी कालोनियां ट्रेजर टाउनशिप आदि का सीवर ट्रैप कर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। इन सभी एसटीपी से 26 एमएलडी सीवर का ट्रीटमेंट प्रस्तावित है, जिसमें वर्तमान में 18 एमएलडी सीवर का ट्रीटमेंट कर सरस्वती नदी में छोड़ा जा रहा है। यहां 60 किलोमीटर सीवर लाइन डाली गई है और पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 80 करोड़ रुपए खर्च हुए।