यूपी की राह पर एमपी : ‘लव जिहाद’ पर यूपी की तरह ही सख्त कानून लाएगा मध्य प्रदेश

यूपी की राह पर एमपी : ‘लव जिहाद’ पर यूपी की तरह ही सख्त कानून लाएगा मध्य प्रदेश


लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब मध्य प्रदेश में भी इस पर कड़े कानून की मांग जोर पकड़ने लगी है.(न्यूज़18 इलस्ट्रेशन.)

मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लव जिहाद कानून बनाने हेतु मसौदे की मांग की है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 5, 2020, 4:55 PM IST

लखनऊ. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj government) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार की राह पर चलते हुए अपने राज्य में जल्द ही लव जिहाद (Love Jihad) कानून लागू करने की तैयारी में है. मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर (Protem Speaker) ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर लव जिहाद कानून का मसौदा मांगा है, जिससे एमपी में लव जिहाद कानून को सख्ती के साथ लागू किया जा सके.

प्रोटेम स्पीकर ने यूपी से मसौदा मांगा

लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब मध्य प्रदेश में भी इस पर कड़े कानून की मांग जोर पकड़ने लगी है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लव जिहाद पर सख्त कानून बनाए जाने की घोषणा के बाद अब मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लव जिहाद कानून बनाने हेतु मसौदे की मांग की है. रामेश्वर शर्मा का कहना है कि जिस तरह से नाम बदलकर लड़की को धोखा दिया जाता है और फिर उसके साथ जो कुछ भी होता है, वह एक सभ्य समाज में कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. ऐसे में जरूरी है कि पूरे देश में इसके लिए एक सा कानून बने.

बेटियों की सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य : प्रोटेम स्पीकररामेश्वर शर्मा ने कहा कि पिछले कई मामलों में ऐसा देखने में आया है कि हर राज्य में अलग कानून के तहत अलग-अलग कार्यवाही होती है, इसीलिए मैंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी है, जिससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में एक जैसा कानून बने. शर्मा ने संवैधानिक पद पर रहते हुए इस प्रकार के पत्र लिखने के सवालों पर कहा कि बेटियों की सुरक्षा करना भी हमारा ही कर्तव्य है. ये अधिकार भी हमें संविधान ने ही दिया है.





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