खरगोन3 घंटे पहले
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- कसरावद का गांगलेश्वर मंदिर व सटानंद सिद्धेश्वर गणेश व भैरवान मंदिर शामिल
पुरातत्व संघ एवं जिला पर्यटन संवर्धन परिषद को मिलाकर एक नई परिषद की स्थापना की है। इसे जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषद नाम गया है। इसके अध्यक्ष जिला कलेक्टर होंगे। इसके अलावा जिले के 3 प्राचीन मंदिरों को राज्य पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को संरक्षित करने संबंधी प्रस्ताव भेजे हैं।
इनमें कसरावद का गांगलेश्वर महादेव मंदिर व चोली गांव के सटानंद सिद्धेश्वर गणेश व भैरवान मंदिर शामिल हैं। यह जानकारी सोमवार कलेक्टर अनुग्रहा पी की अध्यक्षता में जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषद की बैठक में दी गई। परिषद के नीरज अमझरे ने प्रजेंटेशन के माध्यम इस आशय की जानकारी दी। बैठक में जिपं सीईओ गौरव बेनल, एडीएम एमएल कनेल, बीएस सोलंकी सहित एसडीएम, सीएमओ व विभागीय कार्यपालन यंत्री मौजूद थे।
कसरावद में 212, महेश्वर में 265 कलाकृतियां
पुरातत्व विभाग के सुलतान सिंह ने बताया जिले में दो संग्रहालय है। कसरावद के संग्रहालय में विभिन्न शासकों की 212 स्थल आकृतियां हैं। महेश्वर के संग्रहालय में कुल 265 कलाकृतियां मौजूद है। महेश्वर के संग्रहालय में देवी अहिल्या के शासन के दौरान की कलाकृतियां है।