मिलावटी मिर्ची-असली कार्रवाई: 5 दिन में रिपोर्ट, सैंपल फेल होने के दूसरे ही दिन उद्योगपति की फैक्टरी तोड़ दी

मिलावटी मिर्ची-असली कार्रवाई: 5 दिन में रिपोर्ट, सैंपल फेल होने के दूसरे ही दिन उद्योगपति की फैक्टरी तोड़ दी


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उज्जैन3 घंटे पहले

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कारखाने पर कार्रवाई करते हुए निगम की जेसीबी ने उसे कुछ मिनटों में जमींदोज कर दिया।

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सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर कार्रवाई का डंडा फिर चला है। सैंपलिंग की कार्रवाई के महज पांच दिन में रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को कलेक्टर आशीष सिंह की सक्रियता से मिर्ची में मिलावट करने वाले गढ़कालिका स्थित फैक्टरी को मिनटों में प्रशासन और निगम की टीम ने ढहा दिया।

टीम को फैक्टरी के भीतर से मिर्ची में मिलावट करने के लिए लाल बुरादे की बोरियां तक मिली है। राजनीतिक हस्तक्षेप से कार्रवाई में खलल डालने की कोशिशें भी हुई मगर एसडीएम आरएम त्रिपाठी टस से मस नहीं हुए उलटे कारखाना मालिक महेश पोरवाल की पैरवी करने आए नेताओं को उन्हें फटकार लगाते हुए बैरंग तो लौटाया ही, एक की बजाय फैक्टरी को जमींदोज करने के लिए दो जेसीबी तक लगाई।

एसडीएम त्रिपाठी ने बताया 21 नवंबर को खाद्य अमले ने गढ़कालिका मंदिर केपीछे स्थित फैक्टरी पर छापामार कार्रवाई में यहां से लाल मिर्ची पावडर के 5 सैंपल लिए थे। भोपाल से बुधवार रात इन सैंपलों की रिपोर्ट में दो सैंपल में मिलावट और अन्य दो में यह पाया कि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

गढ़कालिका मंदिर के पीछे सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण कर डाला कारखाना

महेश पोरवाल ने कारखाना लगाने के लिए गढ़कालिका मंदिर के पीछे ग्राम भीतरी में जमीन लीज पर ली थी। सरकारी रिकाॅर्ड में जमीन रामप्रसाद के नाम से है। कार्रवाई के लिए टीम पहुंची तो यहां ताला लगा था।

एसडीएम त्रिपाठी, सीएसपी एआर नेगी ने ताला खुलवाकर कारखाना मालिक महेश पोरवाल को बुलवाया। गौरतलब है गढ़कालिका मंदिर के पीछे का इलाका सिंहस्थ क्षेत्र है। इस क्षेत्र में पक्के अथवा अस्थाई निर्माण की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी यहां मसाला फैक्टरी लग गई और किसी ने आपत्ति तक नहीं ली।

मावा में वनस्पति, मिर्च में मिलाया था बुरादा और रासायनिक कलर, दोनों सेहत के लिए हानिकारक

राज्य प्रयोगशाला भोपाल से आई रिपोर्ट में 14 में से 13 खाद्य सामग्रियों के सैंपल फैल पाए गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग व जिला प्रशासन की टीम ने 20 नवंबर को उंडासा में अष्टमूर्ति फूड्स से मावा व वनस्पति के दो सैंपल तथा स्टार्च, दूध व मिल्क पाउडर के एक-एक सैंपल लिए थे।

फूड सैफ्टी अधिकारी शैलेष गुप्ता व बीएस देवलिया ने बताया जांच में मावा में वनस्पति की मिलावट पाई गई। स्टार्च का सैंपल मिथ्या छाप पाया गया। वनस्पति का सैंपल अपद्रव्य यानी मावा में मिलावट के लिए रखा था तथा दूध में फेट ही नहीं पाया एवं मिल्क पाउडर अपद्रव्य के रूप में पाया गया, जिसे दूध में मिलाने के उपयोग में लिया जा रहा था।

सैंपल फेल पाए जाने पर अब अष्टमूर्ति फूड्स के संचालक हार्दिक मोदी को नोटिस जारी कर कोर्ट में प्रकरण पेश किया जाएगा। टीम ने गढ़कालिका रोड पर संचालित आयुष पिसाई केंद्र पर 21 नवंबर को दबिश देकर यहां से मिर्च के सैंपल लिए थे। प्रशासन ने राज्य प्रयोगशाला से तत्काल रिपोर्ट मांगी थी।

भोपाल से आई रिपोर्ट में सभी सैंपल फेल आए हैं। पिसाई केंद्र के मिर्च पाउडर में लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रासायनिक कलर पाया गया है। मिर्च में बुरादा मिलाया जाता था तथा लाल रंग दिखाने के लिए रासायनिक कलर का उपयोग किया जाता था। इसके लिए पिसाई केंद्र के संचालक महेश पोरवाल को नोटिस जारी किया है।



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