अधिकारियों में खींचतान: नतीजा- 9 साल में उप बस स्टैंड पर नहीं करा सके वाहनों का स्टाॅपेज

अधिकारियों में खींचतान: नतीजा- 9 साल में उप बस स्टैंड पर नहीं करा सके वाहनों का स्टाॅपेज


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हरदा20 घंटे पहले

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  • नपा ने 14 दुकानें नीलाम कर कमाए लाखाें रुपए, लेकिन सुविधाएं नहीं

11 साल पहले नगरपालिका द्वारा लाखाें रुपए खर्च कर बनाए गए दीनदयाल उप बस स्टैंड में बसें नहीं रुक रहीं हैं। इस कारण यात्रियाें काे परेशानी हाेती है। 2011 में तत्कालीन सीएम बाबूलाल गाैर ने इस बस स्टैंड का लोकार्पण कर औपचारिक शुरूआत ताे कर दी थी, लेकिन अफसराें में समन्वय नहीं हाेने से 9 साल बाद भी यहां पर बसाें का स्टॉपेज नहीं हाे पा रहा है।

ऐसे में इसका नामकरण मजाक बनकर रह गया है। यहां नपा ने 14 दुकानें बनाई। लाेगाें काे रोजगार भी मिला। लेकिन जिस उद्देश्य से उप बस स्टैंड बनाया, उसका लाभ यात्रियाें काे नहीं मिल रहा है। अभी भी अधिकारी ठाेस प्लानिंग कर इसे अमलीजामा पहनाने के बजाय गाेलमाेल जवाब दे रहे हैं।

अभी तक शहर में करीब 36 साल पुराना एक मात्र बस स्टैंड है। स्टेट हाइवे से लगे खेड़ीपुरा में नाके के पास लाेग ठंड, गर्मी, बारिश में शराब दुकान के आसपास खड़े हाेकर इंतजार करते थे। इससे महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग यात्री परेशान हाेते थे। नपा ने आईटीआई के पास उप बस स्टैंड बनवाया।

बाइपास है जरूरी: ताकि मेन सड़क से कम हाे दबाव

शहर में बायपास जरुरी है। एसबीआई चाैराहे के पास गड्ढे की मरम्मत के कारण 20 दिन रुट डायवर्ट करना पड़ा। उड़ा से हनुमान मंदिर इंदाैर राेड पर निकलने वाला बाइपास सिटी के भीतर का 40 प्रतिशत ट्रैफिक कम कर सकता है। 2.50 कराेड़ का एस्टीमेट लाेनिवि भेज चुका है। एक साल बाद भी राशि मंजूर नहीं हुई। कलेक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि वे पीएस लाेनिवि से चर्चा कर अपडेट स्टेटस लेंगे।

जीपी माॅल का निजी बस स्टैंड हाे बंद
जीपी माॅल से यादव बस सर्विस कंपनी द्वारा निजी ताैर पर बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। उनकी बसाें की सवारियों की टिकट ऑनलाइन यहीं से बुक हाेती है। ये बसें बस स्टैंड नहीं जाती हैं। नपा ने आरटीओ व ट्रैफिक पुलिस काे कई बार पत्र लिखा। आरटीओ ने नाेटिस भेजे, लेकिन वहां से बसाें का संचालन बंद नहीं हुआ। नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने बताया कि पूर्व में वहां से 3 बार लूट की बड़ी वारदातें हाे चुकी हैं।

समाधान- बाइपास बन जाए ताे सिराली, खिरकिया की बसें रुक सकती हैं

^4 एकड़ भूमि है। दुकानें खुलने से चहल- पहल बढ़ी है। कुछ कदम की दूरी पर सिविल लाइन थाना है। हाइवे लगा है। सुरक्षा इंतजाम भी हैं। फिर भी यदि नपा से काेई सहयाेग अपेक्षित हैं ताे हम हमेशा तैयार हैं। स्टापेज शुरू हाेने व हाॅल्ट से पुराने बस स्टैंड में भीड़ कम हाेगी। शहर में ट्रैफिक का दबाव कम हाेगा।
-सुरेंद्र जैन,नपाध्यक्ष, हरदा

^नपा का काम बुनियादी सुविधा मुहैया कराना है। नपा हर संभव सहयाेग काे तैयार है।
-जीके यादव,सीएमओ, नपा हरदा

^उप बस स्टैंड है ताे वहां बसाें का स्टापेज हाेना चाहिए। अभी तक क्याें नहीं हुआ। इसे आरटीओ व संबंधिताें से बैठक लेकर चर्चा कर शुरुआत कराने की प्रयास करेंगे।
-संजय गुप्ता,कलेक्टर

^बस स्टैंड ऐसी जगह एकीकृत हाेना चाहिए, जहां से सभी रुट के लिए बस मिल सकें। उप बस स्टैंड पर स्टापेज तभी सफल हाे सकता है, जब लंबे रुट की बसें सीधे शहर में जाने के बाद यहीं से सवारी लें। कई बार यह रुट के परमिट पर भी निर्भर करता है। इस संबंध में प्रशासन व सीएमओ से बैठकर चर्चा करेंगे।
-जगदीश भील, डीटीओ, हरदा

^प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में आरटीओ, कलेक्टर, सीएमओ व बस संचालकों से इस संबंध में चर्चा कर व्यवहारिक परेशानियाें पर चर्चा कर इसे शुरू कराएंगे। बायपास के लिए राशि की समस्या आ रही हाेगी ताे उसे कहीं से भी मंजूर कराउंगा।
-कमल पटेल, कृषि मंत्री

^पुलिस का काम सुरक्षा मुहैया कराना है। उप बस स्टैंड काे संचालन में पुलिस का काेई सहयाेग अपेक्षित है ताे हम तैयार हैं।
-मनीष अग्रवाल, एसपी, हरदा



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