मिक्सोपैथी बिल का विरोध: जबलपुर में एमबीबीएस डॉक्टरों ने बंद रखी ओपीडी व क्लीनिक, जूनियर डॉक्टरों ने बिल के विरोध में किया प्रदर्शन

मिक्सोपैथी बिल का विरोध: जबलपुर में एमबीबीएस डॉक्टरों ने बंद रखी ओपीडी व क्लीनिक, जूनियर डॉक्टरों ने बिल के विरोध में किया प्रदर्शन


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जबलपुर2 घंटे पहले

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  • केंद्र सरकार द्वारा पारित मिक्सोपैथी बिल के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अगुवाई में चल रहा प्रदर्शन

आयुर्वेद पोस्ट ग्रेजुएट डाॅक्टरों को शल्य क्रिया की अनुमति देने के विरोध में आज शहर के सभी निजी अस्पतालों में 12 घण्टे कार्य बहिष्कार किया गया है। हालांकि सरकारी चिकित्सालयों में इस विरोध का कोई असर नहीं दिख रहा है। मेडिकल कॉलेज में सिर्फ जूनियर डॉक्टर इसके विरोध में हैं। सुबह 11 बजे जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर बिल वापस लेने संबंधी मांग सौंपा। हालांकि विक्टोरिया, एल्गिन व मेडिकल सहित शासकीय अस्पतालों में सामान्य तरीके से ओपीडी में मरीजों को देखा गया।

इमरजेंसी सेवाओं को रखा मुक्त
प्रदर्शन के बावजूद निजी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है। सामान्य इलाज कराने वाले मरीजों को लौटा दिया गया। कुछ स्थानों पर निजी प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों ने गेट पर ताला लगाकर निर्णय का विरोध किया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए का कहना है कि मिक्सपैथी बिल एक तरह से आमजनों की जान से खिलवाड़ है। एक ओर एमबीबीएस डॉक्टर को सर्जरी की इजाजत नहीं है, उसे सर्जरी का विशेषज्ञ बनना पड़ता है। तब दूसरी ओर आयुर्वेद पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों को इसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है।

जूनियर डॉक्टर प्रदर्शन करते हुए

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ है ये बिल
आईएमए के अनुसार आयुर्वेद डॉक्टर मामूली पेन किलर और प्रतिजैविक दवाएं तक नहीं लिख सकते। यह सुप्रीप कोर्ट द्वारा दिया गया निर्णय है। इसके बाद मिक्सोपैथी जैसा काला कानून केन्द्र सरकार लाना चाहती है, जो किसी तरह से उचित नहीं है। यह निश्चित रूप से मरीजों के लिये जानलेवा साबित होगा। मेडिकल टीचर एसोसिएशन के डॉ. अश्वनी पाठक, जूडॉ अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह, आईएमए अध्यक्ष डॉ. दीपक साहू, डॉ. ब्रजेश चन्द्र चौधरी, डॉ. राकेश पाठक, डॉ. अरविंद जैन, डॉ. पुष्पराज भटेले, डॉ. सुनील बहल, डॉ. पवन स्थापक आदि ने प्रदर्शन किया।
उधर, आयुष डॉक्टरों ने पिंक रिबन बांधकर दी सेवाएं
आयुर्वेद से जुडे संगठन और चिकित्सकों ने शल्य क्रिया की अनुमति मिलने का समर्थन करते हुये पिंक रिबन बांधकर काम किया। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन, विश्व आयुर्वेद परिषद, एसोसिएशन ऑफ क्लीनिकल आयुर्वेद प्रैक्टिसनर और एसोसिएशन ऑफ माडर्न आयुष डॉक्टर के द्वारा देश में इंटीग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए सच्चाई सामने लाई जाएगी।

आयुष डॉक्टरों ने बिल का किया स्वागत
आयुर्वेद चिकित्सकों ने कहा कि आयुष डॉक्टर अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए स्वतंत्र हैं। आयुर्वेद चिकित्सक संगठन आईएमए के द्वारा जो बातें गलत तरीके से सामने रखी जा रही हैं वह उसका विरोध करता है। संघ के डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. कल्याण सिंह, डॉ. कमलेश गुप्ता, डॉ. सुमित श्रीवास्तव, डॉ. आकाश गुप्ता, डॉ. एसए खान, डॉ. जय साहू आदि ने केन्द्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।



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