लापरवाही की हद: नसबंदी शिविर में महिला की मौत

लापरवाही की हद: नसबंदी शिविर में महिला की मौत


महिला की नसबंदी शिविर में लापरवाही की वजह से मौत हो गई.

सामुदायिक स्वास्थय केंद्र की लापरवाही से महिला की मौत हो गई. महिला नसबंदी शिविर में भर्ती की गई थी. परिजनों का कहना है कि डॉक्टर को सस्पेंड किया जाए. वहीं, सीएमएचओ का कहना है कि महिला की तबीयत बिगड़ते ही उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका.



  • Last Updated:
    December 14, 2020, 7:47 AM IST

मंडला. मंडला जिले में रविवार को नसबंदी शिविर में एक महिला की मौत हो गई. परिवारवालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया और उन्हें सस्पेंड करने की मांग की. मामले के तूल पकड़ने के डर से अस्पताल प्रबंधन ने मृतक महिला के परिवारवालों को 50 हजार का मुआवजा तुरंत दे दिया और शव का पोस्टमॉर्टम कराकर उन्हें सौंप दिया. वहीं, सीएमएचओ ने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है.

जानकारी क मुताबिक, मोहगांव विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में बीती रात महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था. यहां उमरिया गांव की महिला भी भर्ती हुई, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन की लापरवाही की वजह से उसकी मौत हो गई. मौत होते ही हड़कंप मच गया और गलती छुपाने के लिए महिला के शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. यहां शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया. महिला की रिश्तेदार कौशल्या ने बताया कि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने घोर लापरवाही बरती है. उन्होंने 50 हजार रुपए का मुआवजा तो दे दिया, लेकिन हम चाहते हैं कि डॉक्टर को सस्पेंड किया जाए.

ये है सीएमएचओ का कहना

मंडला सीएमएचओ नाथ सिंह ने बताया कि मोहगांव विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में महिला नसबंदी शिविर आयोजित किया गया था. यहां शिवकली भी भर्ती हुई थीं. उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया. जिलाअस्पताल में उनकी मौत हो गई. उसके बाद हमने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया. नियमानुसार उन्हें 50 हजार रुपए मुआवजा तुरंत दे दिया गया.कटनी में भी हुआ था विवाद

गौरतलब है कि बीत दिनों ऐसा ही कुछ मामला कटनी में भी हुआ था. गलत इंजेक्शन लगने की वजह से महिला की मौत हो गई थी. उसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था. इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद ही संज्ञान लिया था. उन्होंन कटनी कलेक्टर को फटकार लगाई थी. इसके बाद भी अस्पतालों की लापरवाही रुकने की नाम नहीं ले रही.





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