मध्य प्रदेश (MP) में करीब 13 हजार होमगार्ड (Hmoe guard) जवान हैं. इनमें से 3000 जवान ऐसे हैं जिन्हें रोटेशन प्रक्रिया के तहत सिर्फ 10 महीने ड्यूटी दी जाती है, जबकि 2 महीने के लिए इन जवानों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया जाता है.
मध्य प्रदेश (MP) में करीब 13 हजार होमगार्ड (Hmoe guard) जवान हैं. इनमें से 3000 जवान ऐसे हैं जिन्हें रोटेशन प्रक्रिया के तहत सिर्फ 10 महीने ड्यूटी दी जाती है, जबकि 2 महीने के लिए इन जवानों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया जाता है.
शिवराज ने किया था समर्थन
जवानों का कहना है कांग्रेस सरकार के दौरान होमगार्ड जवानों की मांग का शिवराज सिंह चौहान, कमल पटेल और गोपाल भार्गव ने समर्थन किया था. इन नेताओं ने ट्वीट के जरिए सरकार को घेरने की भी कोशिश भी की थी. होमगार्ड के जवान शिवराज सिंह चौहान से उनके बंगले पर मिले थे. उस दौरान जब होमगार्ड के जवानों ने अपनी परेशानी और मांग को लेकर शिवराज सिंह चौहान को बताया तो उन्होंने मांग पूरी कराने समर्थन किया था.
सिर्फ 10 महीने मिलती ड्यूटीहोमगार्ड के जवान साल में पूरे 12 महीने ड्यूटी दिए जाने की मांग कर रहे हैं. अभी 10 महीने ही ड्यूटी दी जाती है. प्रदेश में करीब 13 हजार होमगार्ड जवान हैं. इनमें से 3000 जवान ऐसे हैं जिन्हें रोटेशन प्रक्रिया के तहत सिर्फ 10 महीने ड्यूटी दी जाती है, जबकि 2 महीने के लिए इन जवानों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया जाता है. शासन के इस नियम की वजह से होमगार्ड जवानों को 2 महीने की तनख्वाह नहीं मिल पाती है.होमगार्ड जवान लंबे समय से अपनी इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं.
ये है पूरा मामला…
हाईकोर्ट के आदेश के बाद रोटेशन प्रोसेस 2009 से बंद थी. इसके बाद कमलनाथ सरकार ने 2020 में इसे लागू कर दिया.सरकार में आने के बाद बीजेपी ने कोविड को देखते हुए इसे 6 माह के लिए बढ़ा दिया था. लेकिन इसे वापस 1 दिसंबर से लागू कर दिया है. जवानों के विरोध को देखते हुए होमगार्ड डीजी ने अब इन जवानों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने सरकार या शासन विरोधी प्रदर्शन किया तो उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा.