सुरक्षा की कवायद: बस-टैक्सी में इमरजेंसी बटन दबाते ही पहुंचेगी पुलिस

सुरक्षा की कवायद: बस-टैक्सी में इमरजेंसी बटन दबाते ही पहुंचेगी पुलिस


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायसेन2 दिन पहले

  • कॉपी लिंक
  • महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए मिलेगी यह सुविधा

सार्वजनिक परिवहन के साधन जैसे बस, टैक्सी, कैब में यात्रा करते समय महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा चिंता का बड़ा विषय है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने हर सार्वजनिक परिवहन वाहन में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन लगाने की अनिवार्यता कर दी है। इससे किसी भी अप्रिय स्थिति में बटन दबाए जाते ही तत्काल संबंधित थाना पुलिस व परिवहन विभाग को सूचना मिल सके और तुरंत कार्रवाई की जा सके।
परिवहन विभाग अब इन अलर्ट एवं सूचनाओं के लिए आधुनिक मॉनीटरिंग (कमांड कंट्रोल) सेंटर स्थापित करने जा रहा है। इसका इंटीग्रेशन सीधा स्टेट इमरजेंसी रिस्पोंस सिस्टम के साथ होगा।
कमांड कंट्राेल सिस्टम की स्थापना हाेगी : परिवहन विभाग के अनुसार कमांड कंट्रोल सेंटर की स्थापना 7 जनवरी को परिवहन विभाग और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो गए हैं। अब जल्द ही कमांड कंट्रोल सेंटर की स्थापना के साथ नई सुविधा उपलब्ध होगी। कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने में कुल 15.40 करोड़ रुपए की लागत आई है। जिसमें से 9.24 करोड़ रुपए केंद्र सरकार द्वारा निर्भया फंड से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कंट्रोल सेंटर में ये चार ऑटोमेटिक अलर्ट प्राप्त हो सकेंगे

इमरजेंसी अलर्ट- किसी आकस्मिक या अप्रिय स्थिति में इस प्रकार के अलर्ट कमांड कंट्रोल सेंटर को मिलेंगे। स्पीड विजुलेशन अलर्ट- वाहन के निर्धारित गति से अधिक चलने अलर्ट कमांड कंट्रोल सेंटर को मिलेंगे। सुरक्षित यात्रा को इन अलर्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा। जियो फेंस अलर्ट- वाहन के निर्धारित रूट या नगर निगम क्षेत्र सीमा आदि से अलग चलने की स्थिति में अलर्ट कमांड कंट्रोल सेंटर को मिलेंगे। व्हीएलटी डिवाइस टेम्परिंग अलर्ट- वाहन में स्थापित व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस से छेड़छाड़ या पावर केबल को डिस्कनेक्ट करते ही अलर्ट कमांड कंट्रोल को मिलेंगे।​​​​​​​

कमांड कंट्रोल सेंटर भेजेगा सूचना और अलर्ट
कमांड कंट्रोल सेंटर में प्राप्त सूचनाओं व अलर्ट को तत्काल ही पुलिस व अन्य एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा। जिससे तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही हेल्प डेस्क सुविधा से महिलाओं व बच्चियों द्वारा यात्रा करते समय किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। वाहन मालिक वाहन की रियल टाइम लोकेशन आसानी से जान सकेंगे। परिवहन अधिकारी वाहन के संचालन की जानकारी मिलेगी।​​​​​​​



Source link