प्रशासन ने जंगलों से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की. (File)
सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे ने कलेक्टर अविनाश लवानिया से आरोपियों के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की थी, जिसे कलेक्टर ने स्वीकार कर लिया.
- News18Hindi
- Last Updated:
January 24, 2021, 9:21 AM IST
प्रशासन ने जिन आरोपियों पर यह कार्रवाई की है उनमें मुकेश धाकड़ (26), रमेश कुशवाहा (42), विनोद कुशवाहा (24), गौरीशंकर कैथोरिया (37), धीरज शर्मा (27) और किशन शाक्य (24) शामिल हैं. बताया जाता है कि, हाल ही में मुरैना जिले में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत होने के बाद भोपाल में भी शराब माफिया के खिलाफ अभियान चलाया गया और आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 127 मामले दर्ज किए गए. आबकारी-पुलिस विभाग द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में 1308 लीटर शराब, 52,000 किलोग्राम महुआ लाहन और दो वाहन जब्त किए गए हैं.
मुरैना में हुई थी 24 की मौत
मुरैना में मौत का तांडव हुआ था. बागचीनी थाने के छेरा मानपुर, बिलैया पुरा और सुमावली थाने के पहावली गांव में 24 लोग ज़हरीली शराब पीने से मारे गए थे. उस वक्त ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग की मिलीभगत के कारण छेरा इलाकों में अवैध शराब की कालाबाजारी और जुए के बड़े-बड़े फड़ लगाए जा रहे थे. इलाके के युवा और आम लोग इसके चक्कर में पड़ गए. गौरतलब है कि ग्रामीण इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारी से लेकर सीएम शिवराज तक कर चुके थे. लेकिन, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक सांठ-गांठ के कारण दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. यही कारण है कि इलाके में बड़ी घटना घट गई. बता दें, शवों के पीएम के दौरान मृतकों के आक्रोशित परिवारवालों ने हंगामा किया था. छेरा गांव के सामने जौरा रोड पर तो बाकायदा शव रखकर ट्रैफिक जाम कर दिया था. मामले को लेकर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि मैं इस घटना से बहुत दुखी हूं. उन्होंने एसएचओ को तत्काल निलंबित कर दिया था.