BHOPAL : क्राइम ब्रांच की टीम ने फैक्ट्री और गोदाम पर छापा मारा
bhopal : नकली सीमेंट (Fake cement) की ये दुकान आयुष ट्रेडर्स के नाम से चल रही थी.असली बोरियों का सैम्पल ग्राहकों को दिखाकर उसके बदले पीछे बने गोडाउन से नकली सीमेंट सप्लाई कर दिया जाता था.
भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है. पुलिस ने उनकी फैक्ट्री पर छापा मारकर नामी कंपनियों के नाम पर नकली सीमेंट सप्लाई करने वाले आरोपियों को पकड़ा है. यहां लंबे समय से नकली सीमेंट को नामी कंपनी के नाम से बेचा जा रहा था.टीम ने फैक्ट्री में रखी अल्ट्राटेक सीमेंट की 142 बोरी, ड्यूरागार्ड सीमेंट की 10 बोरी और नकली अल्ट्राटेक सीमेन्ट की 210 खाली बोरियां जब्त की हैं. ग्राहक को असली सीमेंट दिखाकर गोडाउन से नकली सीमेंट की सप्लाई वाहन से की जाती थी. नकली और खराब सीमेन्ट को छानकर अल्ट्राटेक सीमेन्ट की नकली नई बोरियों में भर दिया जाता था. नामी कंपनी के नकली सीमेन्ट की नई खाली बोरिया उज्जैन से ट्रान्सपोर्ट के माध्यम से मंगवाई जाती थी.
ऐसे हुआ खुलासा…
भोपाल क्राइम ब्रांच को लंबे समय से ब्रांडेड सीमेंट कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत मिल रही थीं. शिकायत ये थी कि खाली बोरी मे खराब पुराना सीमेंट, सस्ते सीमेंट को ब्रांडेड बोरियों में और फुटकर बिक्री के लिए प्रतिबंधित सीमेंट को अल्ट्राटेक और महंगी ब्रांडेड सीमेंट की बोरियों में भरकर बेचा जा रहा है. इन शिकायतों की जांच के बाद ग्राम इमलिया थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र में क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारा.यहां पप्पू धाकड़ उसकी उसकी पत्नि ममता धाकड़ का सीमेंट गोडाउन और दुकान है. टीम के साथ आए गुणवत्ता विशेषज्ञ ने सीमेंट नकली होने की पुष्टि की.नकली सीमेंट अल्ट्राटेक कंपनी के नाम से बोरियों में भरकर मार्केट में बेचने के लिए तैयार रखा था. मौके पर मौजूद मिले शुभम जैन और मैनेजर अनिल जैन से पूछताछ की गयी तो वो सीमेन्ट की गुणवत्ता औऱ उसके बिलों के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए.
पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR
नकली सीमेंट की ये दुकान आयुष ट्रेडर्स के नाम से चल रही थी. इसमें असली अल्ट्राटेक सीमेंट की 43 बोरियां रखी मिलीं. असली बोरियों का सैम्पल ग्राहकों को दिखाकर उसके बदले पीछे बने गोडाउन से नकली सीमेंट सप्लाई कर दिया जाता था. अल्ट्राटेक सीमेंट की एक बोरी की बाजार में कीमत 340 रुपये है. आयुष ट्रेडर्स का मालिक पप्पू धाकड और ममता धाकड़ मौके पर नहीं मिले.उनकी तलाश की जा रही है. क्राइम ब्रांच इससे पहले भी पप्पू धाकड़ के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कर चुकी है.पुलिस ने फिर से पप्पू धाकड़, ममता धाकड़ शुभम जैन, अनिल जैन, के विरूद्ध धारा 63, 65 कॉपी राइट एक्ट और धारा 420 भादवि में केस दर्ज किया है.