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- Indore Jail Petrol Pump Inaugurated By Madhya Pradesh Director General Of Police Arvind Kumar
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इंदौरएक मिनट पहले
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जेल विभाग के डीजी अरविंद कुमार ने अपनी कार में पेट्रोल भरकर शुभारंभ किया।
जेल विभाग के नए डीजी अरविंद कुमार ने शनिवार काे जेल विभाग के पहले पेट्राेल पंप का शुभारंभ किया। डीजी ने ना सिर्फ फीटा काटा अपनी कार में खुद ही पेट्रोल भी भरा। यह पेट्रोल पंप इसलिए भी खास है कि यह मध्य प्रदेश का पहला जेल विभाग का पेट्रोल पंप है, जो सेंट्रल जेल परिसर में तैयार किया गया है। इस पंप को जेल से रिहा हुए कैदी और खुली जेल में रह रहे कैदी संचालित करेंगे। इसके अलावा जेल विभाग के कर्मचारियों के बच्चों को भी यहां रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।

जेल विभाग के डीजी अरविंद कुमार ने पेट्रोल पंप का फीता काटा।
जेल डीजी अरविंद कुमार ने पेट्रोल पंप के शुभारंभ के बाद कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं, लेकिन कई सालों पहले हो जेल की स्थिति हुआ करती थी। अब वैसी स्थितियां नहीं हैं। अब जेलें काफी बेहतर स्थिति में हैं। सवा सौ करोड़ के देश में नई जेलों को बढ़ाने में थोड़ा टाइम लगता है। लगातार इसमें सुधार हो रहा है। उन्होंने कोरोना मैनेजमेंट में इंदौर की जेल को पूरे मार्क्स दिए। साथ ही पेट्रोल पंप बढ़ाने को लेकर कहा कि रेवेन्यू परिणाम देख इसे प्रदेश में आगे बढ़ाने के बारे में विचार किया जाएगा।
सेंट्रल जेल के अधीक्षक राकेश भांगरे ने कहा कि यह पेट्रोल पंप इंडिया ऑयल के सहयोग से बनाया गया है। यह मप्र के जेल विभाग का पहला पेट्रोल पंप है। पेट्रोल पंप पर वह सभी सुविधाएं रहेंगी, जो अन्य पेट्रोल पंप पर रहती हैं। पेट्रोल और डीजल की दरें भी वहीं रहेंगी। बस पेट्रोल पंप शुरू करने का उद्देश्य थोड़ा हट कर है। जो समिति इस पेट्रोल पंप को संचालित कर रही है। इससे जो मुनाफा होगा, वह उसे कर्मचारियों की बीमारी में सहयोग देगी। जो कर्मचारी के बच्चे पढ़ाई में अच्छे हैं, लेकिन आगे की शिक्षा में रुपयों की दिक्कत आ रही है, उन्हें हेल्प करेगी। यह कर्मचारियों के कल्याण के लिए शुरू किया गया है। इसका जो भी प्राॅफिट आएगा, वह समिति ही खर्च करेगी।
पंप पर वे कैदी काम कर रहे हैं, जो खुली जेल में हैं। परिवार के साथ रहकर मजदूरी कर रहे हैं। इसके साथ उन लोगों को काम मिलेगा, जिनका जेल में आचरण अच्छा था और रिहा होने के बाद उन्हें काम नहीं मिल रहा है। इसके अलावा कर्मचारियों के उन बच्चों को भी काम दिया जाएगा, जो पढ़े-लिखे, लेकिन काम नहीं मिल पा रहा है।

कैदियों के साथ जेल विभाग के कर्मचारी के बच्चों को मिलेगा रोजगार।
इंडिया ऑयल की अधिकारी सुभ्रा दत्त ने बताया कि पुलिस के साथ तो इंडियन ऑयल के कई पंप हैं, लेकिन जेल विभाग का मप्र का यह पहला पंप है। इसका उद्देश्य रिहा कैदियों, कर्मचारियों के बच्चों को रोजगार उपलब्ध करवाना है। पेट्रोल पंप को लेकर अब जो भी आधुनिक चीजें जाे आएंगी, इसी पंप से शुरू की जाएंगी।