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Burhanpur News: बुरहानपुर में डॉक्टर, इंजीनियर और व्यापारी मिलकर पशु-पक्षियों के लिए अनोखी पहल कर रहे हैं. यह लोग पिछले 10 सालों से गर्मी में दाना-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं. 10 लोगों से शुरू हुआ यह अभियान अब 200 से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुका है. हर साल करीब 50 हजार रुपए की सामग्री खरीदकर लोगों में बांटी जाती है. जानिए कैसे यह छोटी कोशिश हजारों बेजुबानों के लिए जीवनदान बन रही है.
Mp Ajab Gajab News: बुरहानपुर में इस बार गर्मी के बीच एक ऐसा काम हो रहा है, जिसकी हर तरफ चर्चा है. यहां डॉक्टर, इंजीनियर और व्यापारी मिलकर पिछले 10 सालों से पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम कर रहे हैं. जब तापमान 48 डिग्री तक पहुंच जाता है, तब ये पहल किसी जीवनदान से कम नहीं होती.
छतों पर ‘जीवन का इंतजाम’
इस ग्रुप के लोग शहर के मोहल्लों और कॉलोनियों में जाकर मिट्टी के बर्तन, सिकोरे और बर्ड फीडर बांट रहे हैं. लोगों से अपील की जा रही है कि वे इन्हें अपनी छतों या छायादार जगहों पर रखें, ताकि पक्षियों और जानवरों को पानी और खाना मिल सके.
10 लोगों से शुरू हुआ मिशन, अब 200 जुड़े
इस पहल की शुरुआत सिर्फ 10 लोगों ने मिलकर की थी. उन्होंने अपने घर खर्च से करीब 10 हजार रुपए इकट्ठा कर काम शुरू किया. आज यही छोटा सा कदम एक बड़े अभियान में बदल गया है, जिसमें 200 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं.
हर साल 50 हजार की सेवा
संगठन से जुड़े प्रकाश अग्रवाल बताते हैं कि हर साल सभी सदस्य मिलकर करीब 50 हजार रुपए जमा करते हैं. इस राशि से सामग्री खरीदी जाती है और लोगों में बांटी जाती है. इस काम का मकसद सिर्फ इतना है कि गर्मी में कोई भी पशु-पक्षी प्यासा न रहे.
लोगों को भी कर रहे प्रेरित
इस अनोखी पहल से अब अन्य लोग और समाजसेवी संगठन भी प्रेरित हो रहे हैं. कई लोग अपने स्तर पर इसी तरह का काम शुरू कर चुके हैं. यह कहानी बताती है कि अगर नीयत साफ हो, तो छोटी-सी पहल भी बड़ा बदलाव ला सकती है. बुरहानपुर के ये लोग सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबानों के लिए भी उम्मीद बन गए हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें