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ललितपुर12 मिनट पहले
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- मड़ावरा ब्लॉक लखंजर गांव का रहने वाले युवक ने बनाया जुगाड़
- पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं, इंजन से धुआं नहीं निकलता
डीजल के दाम 73 रुपए पहुंच चुका है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। माल ढुलाई पर खर्च बढ़ गया है तो खेतों की सिंचाई की लागत ज्यादा आ रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में रहने वाले किसान के बेटे ने पंपिंग सेट को चलाने का जुगाड़ बनाया है। उसने रसोई गैस सिलेंडर से पंपिंग सेट चलाने का अनूठा प्रयोग किया जो कारगर साबित हुआ है। अब एक सिलेंडर से लगातार 38 घंटे तक सिंचाई हो रही है तो लागत भी बहुत कम है।
मन में उठे सवाल ने सुझाया समस्या का हल
विकास खंड मड़ावरा के कुर्रट गांव के मजरा लखंजर निवासी माखन यादव किसान हैं। उन्होंने अपने बेटे गोपाल यादव को ग्रेजुएशन तक पढ़ाया है। गोपाल भी पिता की खेतीबाड़ी में मदद करता है। बीते कई दिनों से वह डीजल के बढ़ते दामों से परेशान था। उसने कुछ नया करने की सोची। गोपाल यादव के मन में ख्याल आया कि जब पेट्रोल, डीजल और CNG से इंजन चल सकते हैं तो रसोई गैस से क्यों नहीं? इसलिए उसने एक दिन घर से रसोई गैस सिलेंडर उठाया और खेत पर ले गया। जहां उसने एक घंटे की मेहनत के बाद रसोई गैस से पंपिंग सेट चला डाला।
इंजन धुआं भी नहीं छोड़ता
गोपाल यादव ने बताया कि पंपिंग सेट चलाने के लिए शुरू में डीजल से ही चालू करना पड़ता है। उसके बाद इयर क्लींजर में गैस सिलेंडर रेगुलेटर की नली को उसके अंदर नाजिल से फिक्स कर दिया जाता है। फिर लगातार इंजन चलता रहता है। उसने बताया कि रेगुलेटर की मदद से गैस आपूर्ति कम और ज्यादा कर स्पीड भी नियंत्रित की जा सकती है। यहीं नहीं इंजन धुंआ भी नहीं छोड़ता है।
अब आधे से कम लागत में सिंचाई
किसान पुत्र गोपाल ने बताया कि 14.20 किलो रसोई गैस से लगातार 38 घंटे इंजन चलता है। उसने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 750 रुपए है। इसमें 14 किलो 200 ग्राम गैस होती है। रसोई गैस से पंपिंग सेट चलाने से प्रति घंटे 17.50 रुपए की लागत आ रही है। जबकि डीजल से इंजन चलने पर 80 रुपए प्रति घंटे का खर्चा आता है।