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- The Corporation Commissioner Asked How The Mess Happened, The Health Officer Said Seems To Be A Mistake From Computer Operators
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ग्वालियर10 मिनट पहले
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सोमवार को वैक्सीनेशन के दूसरे राउंड के पहले दिन जेएएच के सात बूथ इसी तरह सूने पड़े रहे
- इतनी बड़ी गलती कोई मानने को तैयार नहीं
- व्यक्तिगत सूचना देकर वैक्सीन के लिए कर्मचारियों को बुला रहे
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अमले से वैक्सीनेशन में इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी किसी अधिकारी पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। नगर निगम आयुक्त् ने इस संबंध में हेल्थ ऑफिसर को तलब किया है। हेल्थ ऑफिसर का कहना है कि पूरी लिस्ट कम्प्यूटर ऑपरेटर धर्मेन्द्र सोनी और महेन्द्र ने बनाई है। उनसे ही चूक हुई है। गलती को सुधारने के लिए नई सूची तैयार कर ली गई है। बुधवार को इन सभी को वैक्सीन लगवाई जाएगी। पर इतनी बड़ी चूक के बाद अभी तक किसी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है।

यह सूची नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अमले की पोल खोलने के लिए काफी है, इसमें सभी नामों के सामने एक ही मोबाइल नंबर दिख रहा है
यह है पूरा मामला
8 फरवरी से वैक्सीनेशन के दूसरे राउंड की शुरूआत हुई है। पर पहले ही एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जेएएच के 7 बूथ पर 940 फ्रंट लाइन वर्कर को वैक्सीन लगनी थी। यह सभी फ्रंट लाइन वर्कर नगर निगम के सफाई कर्मचारी थे। पर जेएएच में जो लिस्ट वैक्सीनेशन के लिए पहुंची थी उसमें सभी 940 नामों के सामने एक ही मोबाइल नंबर (9977461031) लिखा हुआ था। जिस कारण न तो लिस्ट में जिनके नाम थे उन तक मैसेज पहुंचे न ही कॉल। आखिर में नतीजा यह रहा कि जेएएच के सेंटर पर दिन भर में एक भी वर्कर को वैक्सीन नहीं लग सकी है। कुछ लोग पहुंचे भी, लेकिन नंबर मैच नहीं होने से उन्हें उदास लौटना पड़ा। बाद में पता लगा कि यह मोबाइल नंबर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ बाबू राजेश सक्सैना का है। जबकि राजेश का कहना था कि उनका लिस्ट में नाम ही नहीं था।
दो कम्प्यूटर ऑपरेटर की गलती
मंगलवार को जांच में जैसा पता लगा है कि पूरी सूची नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के दो कम्प्यूटर ऑपरेटर धर्मेन्द्र सोनी और महेन्द्र कुमार ने बनाई थी। इन्होंने हेल्थ ऑफिसर डॉ. वैभव श्रीवास्तव को सूची दी और उन्होंने उसे भोपाल भेज दिया। वैसे हेल्थ ऑफिसर वैभव श्रीवास्तव को सूची चेक करनी चाहिए थी,लेकिन उन्होंने नहीं की। पर अब पूरा मामला तकनीकी गलती बताकर दोनों ऑपरेटर पर रख दिया गया है।
ऐसे हुई चूक
जैसा अभी तक पता लगा है कि जब फ्रंट लाइन वर्कर की सूची बनाई जा रही थी तो सामने आया कि 30 फीसदी सफाई कर्मचारी पर मोबाइल ही नहीं है। यदि है भी तो निगम में उनका मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है। ऐसे में कम्प्यूटर पर लिस्ट बना रहे ऑपरेटर ने उस कॉलम को भरने के लिए बाबू का नंबर डाल दिया। उनका सोचना था कि इन लोगों के मैसेज इस नंबर पर आ जाएंगे और उन्हें सूचना दे दी जाएगी, लेकिन कुछ तकनीकी खामी के चलते यह नंबर पूरे 940 नाम के सामने चढ़ गया। ऑपरेटर ने बिना देखे समझे यह लिस्ट आगे फॉरवर्ड कर दी।
10 फरवरी को लगवाए जाएंगे टीके
जिनके नाम पहले दिन टीका लगवाने की सूची में थे और वह गलत नंबर भरने से चूक गए हैं। उन सभी को पहचान कर मंगलवार को बाल भवन में बुलाकर समझाया गया है। वैक्सीन के फायदे बताकर मोटीवेशन किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर नई सूची जारी की गई है। अब इनको बुधवार को वैक्सीन लगेगी।
नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है
इस गड़बड़ी पर नगर निगम के हेल्थ ऑफिसर को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही जिनके लिस्ट में नाम थे उनसे संपर्क करने के लिए कहा है।
शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त
नई सूची तैयार है
कम्प्यूटर ऑपरेटर ने सूची बनाई थी उसी स्तर पर गलती हुई है। अब नई सूची तैयार है। बाल भवन में सभी कर्मचारियों को बुलाकर टीका लगवाने के फायदे बताए जा रहे हैं।
डॉ. वैभव श्रीवास्तव, हेल्थ ऑफिसर नगर निगम