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भोपाल5 घंटे पहलेलेखक: वंदना श्रोती
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वन विहार के बाड़े में बैठी बाघिन मटक्कली।
- वन विहार में कैद इन बाघों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत बांधवगढ़, पेंच और कान्हा नेशनल पार्क के बड़े बाड़ों में छोड़ेंगे
इंसानाें पर हमला करने के कारण वन विहार में सजा काट रहे मटक्कली, सत्तू, बंधू, बांधव, पंचम और शरण समेत 7 बाघ-बाघिन काे जल्द ही रिहा किया जाएगा। इनके लिए जंगल में बड़े-बड़े बाड़े तैयार किए जा रहे हैं। दरअसल, वन विभाग कोर एरिया में पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए यह प्राेजेक्ट लाया है। इन बाघाें को छोड़ने के लिए बांधवगढ़, पेंच और कान्हा नेशनल पार्क को चुना गया है।
इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद पर्यटक सफारी के दौरान खुले जंगल में देख सकेंगे। वर्तमान में वन विहार में 16 बाघ हैं। इनमें 15 बाड़े में और एक टाइगर वार्ड में शिफ्ट है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कान्हा, बांधवगढ़ व पेंच टाइगर रिजर्व को चुना गया है।
इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनसीटीए) ने मंजूरी दे दी है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों काे बाघ नहीं दिखने पर निराशा होती है। कई पर्यटक तो बिना बाघ देखे लौटने को तैयार नहीं होते हैं। इसके लिए उन्हें 3 से 4 बार तक सफारी करना पड़ती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए वन विहार में रह रहे बाघों को बड़े इंक्लोजर में छोड़ दिया जाएगा। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है तो इसे सभी टाइगर रिजर्व में लागू किया जाएगा। इंक्लोजर बफर जोन में 50 हजार स्क्वायर फीट या उससे अधिक के क्षेत्र में बनेंगे। वन विहार में अभी 15 बाघ हैं। इनमें 6 ऐसे हैं, जाे इंसानाें पर हमला कर चुके हैं।
ये बाघ कर चुके हैं इंसानों पर हमला, कई की मौत तक हो गई…
मटक्कली के हमले में एक लड़की की मौत हो गई थी। सत्तू ने एक व्यक्ति को मार दिया था। बंधु व बांधव के हमले में एक चौकीदार की मौत हो गई थी। पंचम व शरण ने भी इंसानों पर हमला किया था। हाल में हरदा से लाए टाइगर ने दो इंसान पर हमला किया था।
पायलट प्रोजेक्ट बनाने की वजह
इंसानों पर हमला करने वाले बाघों को रेस्क्यू करके वन विहार भेजा जाता है। इसका हमेशा वन्यप्राणी प्रेमी विरोध करते हैं। वहीं बाघों काे जंगल के वातावरण में रखे जाने के लिए नोएडा उप्र निवासी संगीता डोगरा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसके अलावा अन्य वन्यप्राणी प्रेमियों ने कई बार पीसीसीएफ को ज्ञापन सौंपा है।
इससे बाघों को नया जीवन मिलेगा
यह प्रोजेक्ट बाघों को एक नया जीवन देने जैसा है। अभी तीन टाइगर रिजर्व को चिह्नित किया है। जल्दी काम शुरू हो जाएगा। इसमें सबसे ज्यादा लाभ पर्यटकों को मिलेगा। उन्हें अब पार्क से निराश होकर नहीं लौटना पड़ेगा।
-आलोक कुमार पीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ