खूंखार कुत्तों के खौफ में 50 हजार की आबादी: रोज ही कोई न कोई इन कुत्तों का बनता है शिकार, दहशत ऐसी कि बच्चों को अकेला नहीं छोड़ रहे परिजन

खूंखार कुत्तों के खौफ में 50 हजार की आबादी: रोज ही कोई न कोई इन कुत्तों का बनता है शिकार, दहशत ऐसी कि बच्चों को अकेला नहीं छोड़ रहे परिजन


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जबलपुरएक घंटा पहले

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कठौंदा में घूमते हुए आवारा कुत्तों का खौंफ।

  • कठौंदा में डेढ़ साल की मासूम दीपाली की कुत्तों के झुंड का शिकार बनने के बाद खौफजदा है आसपास के वाशिंदे
  • जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल का बयान, दुखद घटना है, जांच हाेगी, जिम्मेदारी फिक्स होगी

शहर में कठौंदा निवासी सुशील श्रीवास्तव की डेढ़ साल की मासूम बेटी दीपाली की मौत से इस क्षेत्र के 50 हजार वाशिंदे दहशत में हैं। इस क्षेत्र में खूंखार कुत्तों का खौफ ऐसा है कि लोग घरों से निकलने में डरने लगे हैं। अक्सर कोई न कोई न इन कुत्तों का शिकार बन रहा है। मासूम को जिस तरह कुत्तों ने नोच खाया, उससे लोग बच्चों को अकेला छोड़ने में डरने लगे हैं। दैनिक भास्कर ने कठौंदा प्लांट के एक किमी के दायरे में रहने वाले लोगों से बातचीत की तो उनका डर सामने आया। बोले कि नगर निगम को आबादी से दूर इसे कहीं और शिफ्ट करना चाहिए। मृत जानवरों का मांस खाकर कुत्ते खूंखार हो गए हैं।

अमखेरा-कुदवारी निवासी सूरज रजक।

अमखेरा-कुदवारी निवासी सूरज रजक।

मृत जानवरों का मांस खाकर खूंखार हो गए कुत्ते
इस क्षेत्र के 800 मीटर दूरी पर अमखेरा-कुदवारी की बसाहट शुरू हो जाती है। यहां के सूरज रजक के मुताबिक इस क्षेत्र के कुत्ते मृत जानवरों का मांस खाकर खूंखार हो गए हैं। कोई भी निकलता है, तो एक साथ कुत्ते दौड़ लगाते हैं। इसके चलते कई बार लोग वाहन से गिर जाते हैं। यहां की गंदगी और बदबू से इस क्षेत्र में रहना मुश्किल हो रहा है।

कठौंदा निवासी विकास

कठौंदा निवासी विकास

खौफ के चलते अंधेरा होने पर निकलने से डर लगता है
कठौंदा निवासी विकास के मुताबिक इस क्षेत्र में शाम ढलने के बाद निकलना मुश्किल है। कुत्तों के खौफ के चलते अकेले कोई नहीं निकल सकता। बच्चों को लोग घरों से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। दहशत में है कि कहीं दीपाली जैसी वारदात उनके बच्चों के साथ न हो जाए।

पूजा तिवारी।

पूजा तिवारी।

शहर भर से लाकर कुत्तों को यहीं छोड़ देते हैं
कठौंदा प्लांट से 500 मीटर दूरी पर रहने वाली पूजा तिवारी ने कुत्तों के झुंड की ओर इशारा करते हुए बताया कि पूरे शहर से ऑपरेशन के नाम पर लाया जाता है। और फिर यहीं पर छोड़ दिया जाता है। आबादी से दूर स्थान पर इसे शिफ्ट किया जाए।

सुशील दुबे बच्चों के साथ।

सुशील दुबे बच्चों के साथ।

बच्चों को एक मिनट अकेला नहीं छोड़ सकती
सुशीला दुबे गोद में बच्चों को लेकर बैठी मिली। बोली कि इस क्षेत्र में कुत्तों का खौफ ऐसा है कि बच्चों को एक मिनट अकेला नहीं छोड़ सकते हैं। कोई भी हवा चलें, यहां बदबू आना तय है। अक्सर किसी न किसी को कुत्ते काट ही लेते हैं।

कठौंदा निवासी राकेश यादव।

कठौंदा निवासी राकेश यादव।

कई कुत्ते पागल हो गए
कठौंदा गांव निवासी राकेश यादव ने बताया कि कई कुत्ते पागल हो गए हैं। वे इधर-उधर घूमते रहते हैं और मौका पाते ही काट लेते हैं। बच्चों को साथ लेकर निकलना भी किसी खतरे से कम नहीं है। यहां मृत जानवरों की खाल उतारी जाती है। इसे आबादी से कहीं दूर शिफ्ट करना चाहिए।

कृषि मंत्री कमल पटेल।

कृषि मंत्री कमल पटेल।

जिम्मेदारी फिक्स होगी-कमल पटेल

जिले के प्रभारी एवं प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री कमल पटेल ने मासूम दीपाली की मौत को दुखद बताया। बोले की इस मामले की जांच होगी। जिम्मेदारी फिक्स होगी।



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