अपनों की बेरुखी: 75 वर्षीय बुजुर्ग को मंदिर के बाहर छोड़ गया कोई, वृद्धा ने खुद कुछ नहीं कहा, पर उसकी आंखों से बहते आंसुओं से सबकुछ कह दिया

अपनों की बेरुखी: 75 वर्षीय बुजुर्ग को मंदिर के बाहर छोड़ गया कोई, वृद्धा ने खुद कुछ नहीं कहा, पर उसकी आंखों से बहते आंसुओं से सबकुछ कह दिया


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इंदौर6 मिनट पहले

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बुजुर्ग ने अपनों के बारे में कुछ नहीं कहा, बस रोती रही।

सोमवार को एक वृद्धा के पैर में कीड़े लगने की घटना के अगले ही दिन एक और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। एक परिवार के सदस्य 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सुबह 5 बजे गुमास्ता नगर शिव मंदिर के बाहर छोड़कर चले गए। सुबह राहगीरों ने महिला को देखा और गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट के सदस्यों को सूचना दी, जिसके बाद वे लेकर गए। महिला अच्छी तरह से बोल तो नहीं पा रही थी, लेकिन जो भी शब्द निकले, बस वे आश्रम पहुंचाने वाले ही थी। वृद्धा की आंखों से लगातार अपनों द्वारा दिया हुआ दर्द आंसू के रूप में बह रहा था।

वृद्धा को लोगों ने समाजसेवी संस्था के हाथों में सौंपा है।

वृद्धा को लोगों ने समाजसेवी संस्था के हाथों में सौंपा है।

मिली जानकारी अनुसार कोई निष्ठुर, कठोर मन वाला अपना 75 वर्षीय बुजुर्ग को गुमास्ता नगर शिव मंदिर के बाहर छोड़ कर चला गया था। सुबह घुमने निकले राहगीरों की नजर पड़ी तो मुनीष मालानी ने ट्रस्ट को सूचना दी। ट्रस्ट के सदस्य ने बताया लोक लाज के डर से बुजुर्ग कुछ बोलने को तैयार नहीं है। घबराहट में बस रोते ही जा रही। दो से तीन दिन में बुजुर्ग महिला सामान्य हो जाएगी। थाना चंदन नगर के आरक्षक जितेंद्र और प्रवीण परवाल के सहयोग से चाणक्यपुरी चौराहे के समीप दशरथ सेवाश्रम में स्थाई निवास दिया गया है। हम माताजी की वैसी ही सेवा करने का वचन देते है जैसे अपने घर के परिजन हमारे साथ रहते है।



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