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इंदौर3 मिनट पहले
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इंजीनियर मेघा गौड़ का शव 25 नवंबर 2020 को फंदे पर मिला था।
इंजीनियर मेघा गौड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजन मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने आवेदन देते हुए बेटी के मामा सुसर को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। उनका कहना है कि मामा ससुर के कहने पर ही ससुरालवाले बेटी को दहेज में 10 लाख रुपए लाने के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। दहेज नहीं लाने पर उन्होंने ही बेटी को मारकर फंदे पर लटका दिया था। पुलिस ने परिजनों को बताया कि आरोपी पर 2 हजार का ईनाम घोषित किया गया है। उसके बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
नादिया नगर में रहने वाली गर्भवती महिला इंजीनियर मेघा गौड़ का शव 25 नवंबर 2020 को फंदे पर मिला था। मायके वालों का आरोप है कि उसके गले पर खून के निशान थे, उसकी हत्या की गई है। मां सरिता ने बताया कि 26 जनवरी 2018 को उसकी शादी सूरज गौड़ से हुई थी। सूरज, उसके पिता, मां, ननद और उसके मामा ससुर बालमुकुंद गौड़ सहित अन्य उसे परेशान करते थे। कहते थे कि शादी में 10 लाख रुपए खर्च किए हैं, उतना लाकर दे। उसे धमकाते थे कि कभी पुलिस को शिकायत भी की तो कुछ नहीं बिगड़ेगा।
हमसे बात तक नहीं करने देते थे
मां का कहना है कि शादी के दूसरे दिन से ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था। वे कहते थे कि दहेज में हमें कुछ नहीं मिला। हार नहीं लेकर आई। चूड़ी पहनकर नहीं आई। धीरे-धीरे हमसे बात करवाना बंद कर दिया। मोबाइल भी छीन लिया। हम तो उससे मिल भी नहीं पाते थे। जैसे-तैसे मायके भेजना शुरू किया तो कहते थे कि 5 हजार लेकर आना, 10 हजार लेकर आना। इसके बाद 10 लाख रुपए तक मांग पहुंच गई। पति उसका कुछ नहीं करता था, हमें धोखे में रखकर शादी की थी। मामा ससुर तो बेटी से कहता था कि तेरे माता-पिता के साथ कुछ भी करवा दूंगा। तेरे भाई-बहन का कॅरियर खराब करवा दूंगा। बेटी को अस्पताल में छोड़कर भाग गए थे, हमें तो अस्पताल से कॉल आया था।
मामा ससुर के कहने पर ही प्रताड़ित करते थे
मेघा के पिता महेश गौड़ का आरोप है कि पति और ससुराल वाले घर पर आते थे और रुपयों की डिमांड करते थे। बेटी को कहा था कि बेटा लॉकडाउन के कारण अभी परेशानी है। धंधा शुरू हो जाएगा तो मैं व्यवस्था करूंगा। उन्होंने 10 लाख रुपए की डिमांड की थी। पिता का कहना है कि पूरे मामले में मुख्य षड़यंत्रकारी बालमुकुंद गौड़ था। उसके कहने पर ही बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। अब तक चार लोगों को पकड़ा जा चुका है। वहीं, बालमुकुंद फरार है, हमें पता चला है कि वह बढ़ौदा में है। वह कहता है कि मेरी बहुत पहुंच है, मेरा कुछ नहीं बिगड़ा सकते हो। वह रुपए लेकर केस से नाम हटवाने का कह रहा है। हमने पुलिस से कहा है कि बालमुकुंद को जल्द गिरफ्तार किया जाए। वह हमें धमका रहा है। पुलिस ने हमें बताया है कि बैंक अकाउंट सीज किए हैं। उस पर दो हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया है।
अक्टूबर में भी उसे भगा दिया था, थाने में राजीनामा कर साथ ले गए थे
मेघा के परिजनों की माने तो शादी के बाद समय-समय पर उन्होंने उन्हें रुपए भी दिए, लेकिन ससुरालों की भूख कम ही नहीं हो रही थी। ससुराल वालों ने शादी के कुछ समय बाद मेघा की नौकरी भी छुड़वा दी थी। वह जब भी मायके में बात करती तो उसे धमकाया जाता था। अक्टूबर में उसे घर से भगा दिया था। फिर उसने पुलिस को शिकायत की थी, तब पति व ससुराल वालों ने थाने में लिखकर दिया था कि अब उसे नहीं सताएंगे…यह वादा कर उसे साथ ले गए थे।
मामले में अब तक चार लोग पुलिस गिरफ्त में
परिजनों ने आरोप लगाया कि 25 नवंबर 2020 को मेघा की हत्या कर दी गई थी और उसे उसके ससुराल वाले निजी अस्पताल में छोड़कर भाग गए थे। इस पूरे मामले में एमआइजी पुलिस ने पति, सास, ननद, मौसी सास और मामा ससुर बालमुकुंद के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं, मेघा का मामा ससुर बालमुकुंद अब भी फरार है।