नर्मदा जयंती पर सीएम शिवराज ने होशंगाबाद का नाम बदलने का ऐलान किया था.
BHOPAL.कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस बात को लेकर सवाल उठाया था.क्या, शहरों का नाम बदलने से क्या महंगाई खत्म हो जाएगी.
मध्य प्रदेश में इन दिनों नाम बदलने की राजनीति चल रही है.घोषणाओं और मांग की शुरुआत तो गुरुपर्व के दिन से शुरू हो गयी थी.अब इसकी औपचारिक और वैधानिक शुरुआत शुक्रवार से हो रही है.विधानसभा में आज होशंगाबाद का नाम बदले जाने का अशासकीय संकल्प लाया जाएगा.सदन की मंजूरी के बाद सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजकर इस बात की मांग करेगी कि होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदा पुरम किया जाए. सरकार की इस कवायद को लेकर अब विधानसभा के शुक्रवार को होने वाले सत्र पर सबकी नजरें टिक गई हैं.
कांग्रेस ने कहा-नाम में क्या रखा है
सीएम शिवराज के होशंगाबाद का नाम बदले जाने के ऐलान के बाद कांग्रेस ने गैर जरूरी बताते हुए कहा था कि क्या शहरों का नाम बदलने से बेरोजगारी खत्म हो जाएगी. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस बात को लेकर सवाल उठाया था.क्या, शहरों का नाम बदलने से क्या महंगाई खत्म हो जाएगी.दिग्विजय सिंह ने शहरों का नाम बदले जाने को बीजेपी की नाटक और नौटंकी करार दिया था. ऐसे में विधानसभा में सरकार के इस कदम को विपक्ष का साथ मिलेगा या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है.हंगामे के आसार
नगरीय निकाय चुनाव से पहले शिवराज सरकार होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम करने की तैयारी में है. इसी के साथ सरकार इस बात को भी हवा देती हुई नजर आ रही है कि प्रदेश में जो भी पुरानी सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हुए नाम हैं जो मुगल शासन के समय बदल दिये गए थे उनको पुरानी पहचान दी जाए.
मुमकिन है कि विधानसभा में अशासकीय संकल्प के दौरान विधायक कुछ और शहरों के नाम बदले जाने का मुद्दा उठा सकते हैं. लेकिन होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम किए जाने के सरकार के अशासकीय संकल्प पर विपक्ष का क्या रुख होता है इस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं.ज़ाहिर है हंगामा तो होगा ही.