पूर्व BCCI चीफ शरद पवार का खुलासा: द्रविड़-सचिन ने 2007 में कप्तान बनने से मना किया था, फिर तेंदुलकर के कहने पर धोनी को कप्तानी सौंपी गई थी

पूर्व BCCI चीफ शरद पवार का खुलासा: द्रविड़-सचिन ने 2007 में कप्तान बनने से मना किया था, फिर तेंदुलकर के कहने पर धोनी को कप्तानी सौंपी गई थी


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मुंबई15 मिनट पहले

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2007 वर्ल्ड कप में पहले राउंड में हार के बाद से कप्तानी भारत के लिए परेशानी बन गई थी। द्रविड़ के बाद धोनी को वनडे का कप्तान बनाया गया। (फाइल फोटो)

पूर्व BCCI प्रेसिडेंट शरद पवार ने कहा है कि सचिन तेंदुलकर ने ही 2007 में महेंद्र सिंह धोनी का नाम कप्तानी के लिए सुझाया था। 2005 से लेकर 2008 तक 3 साल अध्यक्ष रहे पवार ने कहा कि बोर्ड के पास ऑप्शन नहीं थे। तत्कालीन कप्तान राहुल द्रविड़ ने भी कप्तानी से मना कर दिया और सचिन खुद भी कप्तानी को तैयार नहीं थे। इसके बाद धोनी को कप्तानी सौंपी गई थी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 टी-20 वर्ल्ड कप जीता था।

सचिन और द्रविड़ ने टीम इंडिया की कप्तानी से किया इंकार
पवार ने कहा कि मुझे याद है कि 2007 में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर थी। राहुल द्रविड़ टीम की कमान संभाल रहे थे। मैं भी उस वक्त इंग्लैंड में ही था। तब द्रविड़ मेरे पास आए थे। उन्होंने मुझसे कहा कि वे अब टीम की कप्तानी नहीं करना चाहते। द्रविड़ ने कहा कि कप्तानी से उनके बल्लेबाजी पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें कप्तानी से छुट्टी दे दी जाए। मैंने इसके बाद सचिन से बात की और उन्हों कप्तानी करने को कहा। पर उन्होंने भी मना कर दिया।

सचिन ने कहा था कि धोनी टीम की कप्तानी संभाल सकते हैं
पवार ने कहा, ‘इसके बाद मैंने सचिन से कहा कि अगर आप और द्रविड़ टीम को लीड नहीं करेंगे, तो टीम कैसे चलेगी। इसके बाद सचिन ने मुझसे कहा कि टीम में एक और खिलाड़ी है जो देश का नेतृत्व कर सकता है। उसका नाम महेंद्र सिंह धोनी है। इसके बाद हमने कप्तानी धोनी को सौंप दी थी।’ 2007 वर्ल्ड कप में हार के बाद से कप्तानी भारत के लिए परेशानी बन गई थी।

भारत को लंबे समय के लिए किसी युवा कप्तान की जरूरत थी
गांगुली ने पहले ही कप्तानी पद छोड़ दिया था। द्रविड़ और तेंदुलकर 34 साल के हो चुके थे। इसका मतलब था भारत को किसी युवा कप्तान की जरूरत थी। ऐसे कप्तान कि जो लंब समय तक टीम की कमान संभाल सके। सिलेक्टर्स ने पहले धोनी को साउथ अफ्रीका में टी-20 सीरीज के लिए कप्तान बनाया था। वहीं, द्रविड़ वनडे की कप्तानी कर रहे थे।

धोनी कम समय में तीनों फॉर्मेट के कप्तान बना दिए गए
इसके बाद धोनी को टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी सौंपी गई। इसके कुछ महीने बाद धोनी वनडे के भी कप्तान बनाए गए। वहीं, इसके एक साल बाद अनिल कुंबले ने भी टेस्ट कप्तानी छोड़ दी और धोनी टेस्ट कप्तान भी बन गए।

धोनी की कप्तानी में भारत ने सभी ICC ट्रॉफी अपने नाम की
अपनी शानदार कप्तान के दम पर धोनी टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर ले गए। टी-20 वर्ल्ड कप के अलावा भारत ने 2011 वर्ल्ड कप जीता। दिसंबर, 2009 में 18 महीने के लिए टीम टेस्ट में नंबर -1 बनी। साथ ही 2013 में भारत ने धोनी के नेतृत्व में चैम्पियंस ट्रॉफी भी जीता।

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