Rising Madhya Pradesh 2021 कार्यक्रम में नरोत्तम मिश्रा ने कहा हम लव के खिलाफ नहीं.हम लव के पक्ष में हैं.जिहाद के खिलाफ हैं. जो भी लव के खिलाफ जिहाद की तरफ ले जाएगा हम उसके खिलाफ हैं.उन्होंने चेताते हुए कहा-एक धर्म विशेष को टारगेट मत करो.मिश्रा ने कहा हिंदू धर्म सहिष्णु है.इसलिए हमारे भगवान के बारे में मजाक उड़ाया जाता है. दुनिया के किसी भी और धर्म के बारे में बोल के दिखाओ फौरन उसकी हिंसक प्रतिक्रिया सामने आने लगती है.हम सहिष्णु हैं इसलिए आप कुछ भी करो.ये ठीक नहीं.
बेटी परेशान हो पीड़ा होती है
नरोत्तम मिश्रा ने लव जिहाद कानून पर कहा कि बेटी परेशान हो मन द्रवित हो जाता है.जब वो अपनी व्यथा बताती हैं तो आंख में आंसू आ जाते हैं. पीड़ा होती है तो इस तरह के विधेयक आते हैं.इसलिए हमने ये विधेयक पास किया. मैं ज़िम्मेदार पद पर हूं. संसदीय,विधि-विधायी,गृह,जेल मेरे पास सारे विभाग हैं. इसलिए महिलाओं की सुरक्षा पर भी काम किया जा रहा है.उन्होंने कहा एक महिने में 23 बेटियां लव जिहाद की शिकायत लेकर मेरे पास आयीं.जिन पर आरोप लगे उनमें से एक भी पार्टी आरोपों को गलत साबित नहीं कर पायी.उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा-एक दल तुष्टिकरण की नीति अपनाए.भ्रम फैलाए,ये हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.CAA को लेकर भी झूठ और भ्रम फैलाया गया.कहा गया कि धर्म विशेष के लोगों को पाकिस्तान भेज दिया जाएगा.असम में बैरक में रखा जाएगा. CAA लागू हुए एक साल हो गया.लेकिन ऐसा हुआ क्या.झूठ फैलाना पीड़ा दायक है.हमने कांग्रेस को नहीं तोड़ा
नरोत्तम मिश्रा पर पिछले साल प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिराने का आरोप लगा था.आरोप था कि ऑपरेशन लोटस के सूत्रधार यही थे.कांग्रेस का ‘बच्चा’ इन्होंने चुराया. इस आरोप पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा-हमने किसी का बच्चा नहीं चुराया.जब कमलनाथ सरकार गिरी तो आरोप लगना और लगाना लाजिमी है.लेकिन हकीकत ये है कि वो खुद ही बच्चे को जंगल में छोड़ आए.
नाम में क्या रखा है
नरोत्तम मिश्रा को पार्टी के लोग कई नाम से पुकारते हैं.खुद सीएम शिवराज उन्हें हीरा कहते हैं.वो पार्टी के संकट मोचन भी हैं.इस पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा-नाम में क्या रखा है.लोग प्यार से या तंज में कुछ भी कह सकते हैं. मैं तो पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं.
मध्य प्रदेश में ही रहेंगे
एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा इन दिनों विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं.ये पूछने पर कि क्या वो देश की राजनीति में जाएंगे.इस पर उन्होंने कहा,मैं इस बात पर दृढ़ हूं कि मध्य प्रदेश में ही रहूंगा.वैसे मैं पार्टी का साधारण कार्यकर्ता हूं. पार्टी जहां की भी ज़िम्मेदारी मुझे देगी मैं उसमें कोई कोताही नहीं बरतूंगा. मैं गुजरात,यूपी, प बंगाल सब जगह की जिम्मेदारी संभाल चुका.काम तो जहां कहेंगे हम करेंगे.आभा मंडल तो मोदीजी का है. अमित शाह का है.
मैंने नहीं दी धमकी
नरोत्तम मिश्रा ने इस आरोप को गलत बताया कि वो कांग्रेस को तोड़ रहे हैं.निपटाने की धमकी देते हैं. अभी भी और विधायकों और नेताओं को बीजेपी में आने का प्रलोभन दे रहे हैं.मिश्रा ने कहा-मैंने न तो बाला बच्चन को बीजेपी में आने का न्यौता दिया न ही किसी और को को ऑफर दिया.हम बहुमत में हैं. हमें किसी और की ज़रूरत नहीं.लेकिन हां कमलनाथजी ने बदले की भावना की राजनीति शुरू की. मेरा पूरा स्टाफ जेल भेजा गया.18लोग गए.2 अभी भी जेल में हैं.हनी ट्रैप केस चलाया. अवैध निर्माण के नाम पर बुलडोजर चलवाया.मैं भी दरवाज़े पर ही खड़ा था. हम पर तोड़ने की तोहमत लगाते हो. कमलनाथ ने हमारे विधायकों से सदन में क्रॉस वोटिंग करवायी थी.हां तब मैंने ज़रूर कहा था कि खेल कमलनाथ जी आपने शुरू किया है अब खत्म हम करेंगे.कांग्रेस को तोड़ने के लिए संपर्क तो हमने तब भी नहीं किया था.हमें ज़रूरत नहीं. हम तो शिवराजजी के साथ विकास में लगे हैं.
विवादित बयान और नरोत्तम
नरोत्तम मिश्रा तंज,व्यंग्य और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं.कमलनाथ को चेतुआ और सोनिया को कैकई कहने वाले नरोत्तम कहते हैं कि मैं पहले से सोच कर कुछ नहीं कहता.माहौल के मुताबिक बात कह देता हूं.मैं स्वभाव से वाचाल प्रवृति का हूं.ट्विट में भी उसी का असर दिखता है.वो कहते हैं कि इतने साल से धारा प्रवाह बोलते आ रहे हैं उसका असर है कि हर सवाल का जवाब भी उसी अंदाज में दे देता हूं
सिंधिया हमारे नेता
ग्वालियर-चंबल पावर हाउस जिसमें नरेन्द्र सिंह तोमर, जयभान सिंह पवैया, ज्योतिरादित्य जैसे लोग शामिल हैं उसमें आप भी शामिल हो गए हैं. इस पर उन्होंने कहा -सिंधिया हमारे परिवार से हैं. उनकी दादी हमारी नेता थीं.एक बुआ सीएम हैं दूसरी एमपी में मंत्री.अकेले सिंधिया उधर थे.अब पूरा परिवार साथ है.सिंधिया हमारे नेता हैं.
महिला अपराध रोकना हमारा लक्ष्य
महिला अपराध के मामले में एमपी सबसे आगे है.इस पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा महिला अपराध रोकने के लिए कानून ही काफी नहीं है. समाज को भी बदलना होगा. पूरी सोच को बदलना होगा. पुलिस ने जनजागरण अभियान चलाया.कानून का भय और मानसिकता दोनों पहलुओं पर हम चल रहे हैं.हमारी सरकार के दौरान प्रदेश में महिला अपराधों में 15 फीसदी की कमी आयी है.