मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में किसान कर्ज माफी बड़ा मुद्दा रहा था. कांग्रेस इसी वादे के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही कांग्रेस इस मुद्दे को हवा देने में जुटी हुई है. शिवराज सरकार के कृषि मंत्री कमल पटेल ने इस पर अपना जवाब दिया है.
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में किसान कर्ज माफी बड़ा मुद्दा रहा था. कांग्रेस इसी वादे के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही कांग्रेस इस मुद्दे को हवा देने में जुटी हुई है. शिवराज सरकार के कृषि मंत्री कमल पटेल ने इस पर अपना जवाब दिया है.
- Last Updated:
March 11, 2021, 5:27 PM IST
कृषि मंत्री कमल पटेल ने इस पर जवाब देते हुए कहा, “कर्जमाफी का सवाल हमारा नहीं है. कांग्रेस का है. कांग्रेस से पूछिए. उन्होंने क्यों नहीं किया. हमने कोई वादा नहीं किया था. कांग्रेस ने और कमल नाथ ने पाप किया. को-ऑपरेटिव सोसायटी को बर्बाद कर दिया. किसानों को कर्जा उनके ही खाते से माफ कराया जो थोड़ा बहुत कर्जा माफ कराया.”
कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह का कहना है, “मूल बात ये है कि सरकार अब किसान कर्ज माफी नहीं करना चाहती है. परन्तु इस बात को सदन के रिकॉर्ड में कहने से बचती आ रही है. पचास सवाल इस बावत पूछे गए मगर सभी के जवाब में एक लाइन आई कि जानकारी एकत्रित की जा रही है.”