प्रदेश की सबसे बड़ी फर्जी एडवाइजरी कंपनी: 5 बैंक खातों में 6 करोड का लेनदेन.. FIR न लिखने के लिए पुलिस को किया था 10 लाख का ऑफ़र

प्रदेश की सबसे बड़ी फर्जी एडवाइजरी कंपनी: 5 बैंक खातों में 6 करोड का लेनदेन.. FIR न लिखने के लिए पुलिस को किया था 10 लाख का ऑफ़र


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Transaction Of 6 Crores In 5 Accounts Of Advisory Company .. Had Offered 10 Lakhs To Police For Not Writing FIR

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

इंदौरकुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

फर्यादी आनंद सोलापुर अस्पताल में कोरोना से ग्रसित

निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले फर्जी एडवाइजरी कंपनी के तीन संचालक अब तक विजय नगर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है कुछ दिनों पहले विजय नगर थाना प्रभारी तहजीब काजी ने महाराष्ट्र, सोलापुर में रहने वाले आनंद बी मोहोलकर ने ई-मेल के जरिए FIR दर्ज की थी। जिसमे स्कीम54 में संचालित द यूनीक ट्रेडर्स एडवाइजरी कंपनी ने 3 लाख 87 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी की थी लेकिन फर्यादी आनंद कोरोना से ग्रसित था और सोलापुर के अस्पताल में भर्ती था । इसलिए टीआई तहजीब काजी से वीडियो कॉल के जरिये उससे बात की और कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया था ।

पुलिस ने इस एडवाइजरी कंपनी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है । एडवाइजरी कंपनी के 5 बैंक खातो में 6 करोड रुपए से ऊपर का लेनदेन सामने आया है और यह शातिर बदमाश आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिए कई फर्जी बैंक खाता खोल लेते थे और उसमें देश के अलग-अलग हिस्सों में फोन लगाकर लोगों से निवेश के नाम पर रुपए लेते थे। पुलिस को इस पूरे मामले को दबाने के लिए 10लाख की रिश्वत का भी ऑफर दिया गया था लेकिन पुलिस ने उसे ठुकरा दिया था कुछ दिनों पहले महिला द्वारा विजय नगर थाने पर आवेदन देकर इस मामले में एफ आई आर दर्ज कराई गई थी जिसमें संजय बालानी निवासी अन्नपूर्णा को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।

थाना प्रभारी के मुताबिक, गुरुकृपा हाउसिंग सोसायटी पंढरपुरा सोलापुर निवासी आनंद पुत्र भारत मोहोलकर की शिकायत पर भूपेंद्र, राधिका, प्राचि, वरुण, संजय आदि के खिलाफ केस दर्ज किया है। आनंद कोरोना संक्रमित हैं। उन्होंने ईमेल से शिकायत भेजी थी।। आनंद के मुताबिक, आरोपी युवतियों ने बताया कि कंपनी के माध्यम से निवेश करने पर दोगुना मुनाफा दिलवा सकते हैं। आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपये जमा करवा लिए और डीमेट अकाउंट का एक्सेस भी ले लिया। आनंद की बगैर अनुमति के 1 लाख 60 हजार रुपये दूसरों के खातों में ट्रांसफर कर लिए। रुपये मांगने पर आरोपियों ने कहा कंपनी उसकी मर्जी से कार्य नहीं करती। वह नुकसान दर्शा कर हाथ खींच सकते हैं।

पुलिस एडवाइजरी कंपनी के संचालकों को लेकर लगातार दबिश दे रही है, वर्तमान में कंपनी भवर कुआं थाना क्षेत्र के आईटी पार्क से संचालित की जा रही थी जहां सर अभी संचालक फरार बताए जा रहे हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link