ट्रांसपोर्टर को लगाई 45 लाख की चपत: ग्वालियर के दो बदमाशों ने UP के व्यापारी से 2 ट्रक किराए पर लिए, फिर नहीं लौटे; उसे चोरी की कार भी बेच गए

ट्रांसपोर्टर को लगाई 45 लाख की चपत: ग्वालियर के दो बदमाशों ने UP के व्यापारी से 2 ट्रक किराए पर लिए, फिर नहीं लौटे; उसे चोरी की कार भी बेच गए


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  • 2 Trucks Were Taken On Rent And The Thugs Never Returned Again, They Were Trapped By Stealing Cars On The Go.

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ग्वालियर4 घंटे पहले

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  • UP के कानपुर के ट्रांसपोर्टर को ग्वालियर के दो युवकों ने ठगा
  • चंबल की रेत के परिवहन में लगाए थे ट्रक

UP के कानपुर के ट्रांसपोर्टर को शहर के दो युवकों ने ट्रक किराए पर लेने का एग्रीमेंट कर 45 लाख रुपए की चपत लगा दी। यही नहीं, ट्रक लेकर गए युवक फिर लौटे ही नहीं। न ठगों का पता चला और न ही ट्रकों का। जाते-जाते ट्रांसपोर्टर को बदमाश एक कार भी बेच गए। वो भी इटावा से चोरी की निकली है। घटना वर्ष 2020 से अभी तक महाराजपुरा डीडी नगर की है। ट्रांसपोर्टर की शिकायत पर महाराजपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

कानपुर निवासी सुनील कुमार पुत्र रमेश चंद्र पाल पेशे से ट्रांसपोर्टर हैं। उनके ट्रक चलते हैं। वर्ष 2020 उनकी मुलाकात ग्वालियर के डीडी नगर निवासी शैलेन्द्र सिंह गुर्जर और सत्यभान गुर्जर से हुई थी। शैलेन्द्र व सत्यभान भी ट्रांसपोर्टर हैं। कुछ परेशानी आने पर सुनील अपने दो ट्रकों को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे, तभी शैलेन्द्र व सत्यभान उनके पास पहुंचे। बताया, वह उनके ट्रकों को किराए पर लेकर चलाएंगे। उनको दोनों ट्रकों के बदले 1 लाख रुपए महीना के हिसाब से किराया देंगे। इससे उनकी परेशानी भी दूर हो जाएगी। उनको ट्रक भी नहीं बेचना पड़ेंगे। उनकी बातों में आकर सुनील ट्रक किराए पर देने के लिए तैयार हो गया। उन्होंने अपने ट्रक क्रमांक UP77AN-6576 का एग्रीमेंट कर लिया, जबकि दूसरे ट्रक का एग्रीमेंट नहीं हो पाया था। इसके बाद शैलेन्द्र और सत्यभान ट्रक लेकर चले गए।

चंबल की रेत के परिवहन में लगाए ट्रक

ट्रक लेकर गए दोनों युवकों ने न तो कभी किराया दिया और न ही ट्रक लौटाए। जब ट्रांसपोर्टर ने उनकी तलाश की, तो पता लगा कि वह ट्रकों को मुरैना में चंबल की रेत में अवैध परिवहन में लगाया गया है। जब सुनील ग्वालियर आए, तो दोनों ठग मिले ही नहीं। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत कुछ दिन पहले महाराजपुरा थाना में की है, क्योंकि पूरी डील डीडी नगर इलाके में हुई थी। ट्रकों और एग्रीमेंट के महीने के हिसाब से कुल 45 लाख रुपए की चपत लगाई।

चोरी की कार और टिका गए ठग

पीड़ित ट्रांसपोर्टर ने पुलिस को बताया, उन्होंने आरोपियों से एक कार भी 2.80 लाख रुपए में खरीदी थी। जो उसे दोनों ठगों ने ट्रक लेते समय बेची थी। कुछ दिन बाद पता लगा कि वह कार इटावा जिले से चोरी हुई थी। इटावा पुलिस ने मुझे पकड़ा और कार छुड़ा ली। वहां मैंने पूरी कहानी बताई, तो बच पाया।

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