किसानों को मिलेगी सुविधा: किसानों को अब उपज के दाम का मंडी में ही 3 बजे तक होगा भुगतान

किसानों को मिलेगी सुविधा: किसानों को अब उपज के दाम का मंडी में ही 3 बजे तक होगा भुगतान


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पिपरिया3 घंटे पहले

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  • खरीदी पर्ची पर होगी फर्म की पूरी जानकारी

शहर गल्ला मंडी व्यापार को लेकर कई बिंदुओं पर प्रशासन ने बुधवार व्यापारियों से चर्चा की। अब से कृषि उपज मंडी में फसल बेचने आए किसानों को भुगतान मंडी परिसर से ही करना होगा। जिस फर्म के द्वारा अनाज की खरीदी की जाएगी उसका नाम, पता, फोन नंबर और सील खरीदी पर्ची पर लगाना होगा। सील की एक प्रति मंडी कार्यालय में देनी होगी। किसानों को फसल के मूल्य का भुगतान दोपहर में 3 बजे से किया जाएगा। इन बिंदुओं पर कृषि उपज मंडी के सभागार में चर्चा हुई।
जिनके पास दुकाने हैं वे मंडी से भुगतान करें
कृषि मंडी प्रशासक एसडीएम नितिन टाले, सचिव राघवेंद्र सिंह राठौर ने पंजीकृत गल्ला व्यापारियों से कहा है कि अब से किसानों को उनकी फसल का मूल्य कृषि मंडी परिसर में ही दिया जाना है। साथ ही सुरक्षा पर टाले ने कहा सुरक्षा देना पुलिस और मंडी प्रबंधन का काम है वह देख लिया जाएगा। व्यापारियों द्वारा बताया गया कि पूर्व में मोहता प्लाट, पुरानी गल्ला मंडी क्षेत्र को कृषि उपज मंडी से जुड़ा हुआ माना गया था। इन क्षेत्रों में जो व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। उनका भुगतान वहीं से होने दिया जाए। व्यापारियों को भुगतान व्यवस्था बनाने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। कृषि मंडी सचिव राठौर ने बताया कि कृषि मंडी में 72 शॉप कम गोदाम आवंटित है। जिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पास यह दुकानें हैं। वे दुकानों से भुगतान करें। इस दौरान कई और व्यापारियों के नाम सामने आए, जिनकी तलाश में किसानों को परेशान होना पड़ता है। मंडी सचिव राठौर ने कहा मंडी से भुगतान की सुरक्षित व्यवस्था वह बनवा देंगे।

खरीदी पर्ची पर लगेगी फर्म की सील
व्यापारियों ने आश्वस्त किया कि अगले सोमवार से सभी व्यापारिक फर्म खरीदी पर्ची पर फर्म की पूरी जानकारी दर्ज करा देंगी। इसी के साथ व्यापारियों को बताया गया कि अनाज का परिवहन करते समय वाहन पर अनुज्ञा पत्र होना आवश्यक है। अनुज्ञा पत्र ना होने की दशा में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मंडी प्रशासन और व्यापारियों द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई जिसमें अनेक बिंदुओं पर सहमति बनी है।

ये व्यवहारिक परेशानी

  • कृषि मंडी में रोजाना करोड़ो का कारोबार होता है। इतने कैश का परिवहन में परेशानी।
  • बैंकों द्वारा व्यापारियों को कैश देने में समय लिया जाता है, जिसके चलते 3 के पहले भुगतान कैसे।
  • भुगतान प्रक्रिया में कंप्यूटर, स्टाफ, दस्तावेज का संधारण करने के लिए बैठक व्यवस्था।
  • कुछ किसानों और कुछ फर्म को छोड़कर वर्तमान व्यवस्था से परेशानी नहीं है।
  • कृषि मंडी में बैंक शाखा खोले जाने की माँग की व्यापारियों ने।

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