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जबलपुर5 मिनट पहले
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- 3 साल पहले 10 करोड़ से चौड़ीकरण का बना था प्लान लेकिन अभी मरम्मत को भी तरस रही सड़क, राहगीर त्रस्त
मेडिकल तिराहा से बरगी हिल्स और शाहनाला की सीमा तक सड़क बनाने का काम बीते दो साल से हाे रहा है और अब तक पूरा नहीं हो सका। इसके आगे फिर शाहनाला से तिलवारा तक जो सड़क है उसकी तो नगर निगम किसी तरह से सुध लेने ही तैयार नहीं है। इस मार्ग की ऊपरी परत सीलकोट पूरी तरह से गायब हो गया है। मार्ग में अब जगह-जगह गिट्टियाँ उभर आई हैं और यही नुकीली उभरीं गिट्टियाँ वाहन चालकों के लिए बेहद मुसीबत का कारण बन रही हैं।
मार्ग में गड्ढे भले ही कम हों पर जो गिट्टियाँ हैं वे गड्ढों से ज्यादा तकलीफ बाँट रहीं हैं। नुकीली राॅड की शक्ल में गिट्टियाँ टायर को पंक्चर कर देती हैं। इस मार्ग की बीते 6 सालों से मरम्मत तक नहीं की गई। पश्चिमी हिस्से से जब कोई शहर आता है तो इसके उपयोग के िबना प्रवेश नहीं कर सकता है।
यह सैकड़ों गाँवों को जाने के लिए उपयोगी मार्ग है, साथ ही नागपुर जाने के लिए आदमी ज्यादातर इसी सड़क से तिलवार ब्रिज और फिर आगे की ओर बढ़ता है। पर अभी हालत देखकर लगता है कि नगर निगम की नजर में इसकी कोई अहमियत ही नहीं है। दम तोड़ चुके इस मार्ग को लेकर अधीक्षण यंत्री अजय शर्मा कहते हैं कि इसका सुधार जल्द किया जाना है। कुछ समय पहले इसमें जरूरी सुधार किया भी गया था अब जहाँ ज्यादा खराब है वहाँ पहले मरम्मत कर दी जएगी।
फोरलेन का प्लान भुला दिया
मार्ग को करीब 80 फीट चौड़ा किया जाना था। 10 करोड़ से इसका प्लान भी बना पर बाद में इसको भुला दिया गया। इस प्लान को पूरा न होते देख इसके किनारे हिस्से में पेवर ब्लॉक लगाने का भी निर्णय लिया गया पर यह काम भी नहीं हो सका।
मार्ग में दोनों ओर जगह पर्याप्त है इसमें सुधार कर चौड़ा करने में ज्यादा कवायद से नहीं गुजरना पड़ेगा, पर इस ओर नगर निगम किसी तरह से ध्यान ही नहीं दे रहा है। तिलवारा तट नर्मदा में जब कोई विशेष अवसर, बड़ा धार्मिक अनुष्ठान या पर्व वाले दिनों में बदतर मार्ग ज्यादा तकलीफें बढ़ा देता है।