2018 के चुनाव से पहले भी कमलनाथ ने सॉफ्ट हिंदुत्व को अपनाते हुए कई मंदिरों में पहुंचकर जीत की कामना की थी.इस बार वो राम के साथ हैं.
मध्य प्रदेश में सीएम (cm) रहने के दौरान कमलनाथ (kamalnath) ने राम पथ वन गमन के विकास को भी हरी झंडी दिखाई थी
पूर्व सीएम कमलनाथ ने इस संबंध में आज एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा-राम मंदिर निर्माण की देशवासियों की बहुत दिनों से अपेक्षा और आकांक्षा थी. राम मंदिर का निर्माण हर भारतवासी की सहमति से हो रहा है. यह सिर्फ भारत में ही संभव है. कमलनाथ के इस बयान को उनके सॉफ्ट हिंदुत्व से जोड़कर देखा जा रहा है.
राम भक्त कमलनाथ
कमलनाथ ने जो बयान जारी किया उसमें पीछे हनुमान की तस्वीर दिखाई दे रही है. कभी अपने को हनुमान भक्त और कभी शिवभक्त दिखाने वाले कमलनाथ अब राम भक्त के रूप में हैं. हालांकि प्रदेश की सत्ता में काबिज रहने के दौरान कमलनाथ ने राम पथ वन गमन के विकास को भी हरी झंडी दिखाई थी. ऐसे में अब राम मंदिर निर्माण के साथ कमलनाथ खड़े नजर आ रहे हैं.
दिग्विजय से अलग राय
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन की तारीख और पीएम मोदी के शामिल होने पर सवाल उठाए थे. दिग्विजय सिंह ने कहा था सरकार को हिंदू धर्म के सबसे वरिष्ठ धर्मगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के विचार पर गौर कर सभी प्रमाणित शंकराचार्यों को भूमि पूजन कार्यक्रम में आमंत्रित करना चाहिए. उन्होंने 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन के कार्यक्रम के मुहूर्त पर भी सवाल उठाए थे. कहा था कि भूमि पूजन का कार्यक्रम शुभ मुहूर्त में ही होना चाहिए. दिग्विजय सिंह ने कहा था कि बीजेपी को हजारों साल की मान्यता के साथ कुठाराघात नहीं करना चाहिए. यह धार्मिक विषय है और इसे राजनीति से दूर रखना चाहिए. लेकिन इन सब के पलट कमलनाथ में राम मंदिर निर्माण के कार्यक्रम का स्वागत कर अपनी अलग राय व्यक्त कर दी है.