- Hindi News
- Local
- Mp
- Indore
- 13 year old Tanishka Will Not Be Able To Wear Black Court. Will Have To Wait To Fulfill Her Father’s Dream
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौर11 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
तनिष्का सुजीत
- 13 साल की तनिष्का को मिला है BA एडमिशन
पूरे देश में जब 12 साल की उम्र में 12 वीं पास कर बच्ची ने एशिया बुक ऑफ अवॉर्ड पाया था । अब यह बच्ची लॉ यानी बीए एलएलबी कोर्स में प्रवेश की मांग कई माह से कर रही है। अगर इस माह नहीं हुआ तो संभवतः एडमिशन नहीं हो पाएगा। इसमें बीसीआई का नियम आड़े आ रहा है। राज्य शासन भी बीसीआई स्तर पर बात कर रहा हैं। लेकिन इस माह यदि एडमिशन नहीं मिला तो मुश्किलें आ सकती है।
13 साल की तनिष्का को बीए एलएलबी में प्रवेश दिलवाने के लिए हर स्तर पर पहल की गई थी। दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेशचंद्र पोखरियाल से भी बात की गई थी। मंत्री ने आश्वासन दिया था कि जल्द इस पर फैसला लेंगे। तनिष्का ने परिवार के साथ कलेक्टर मनीष सिंह व सांसद शंकर लालवानी से भी मुलाकात की थी। हालांकि इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय बीसीआई यानी बार काउंसिल ऑफ इंडिया को ही लेना है। 18 वर्ष की उम्र का बंधन इसमें बाधा बन रहा है। तनिष्का की मां अनुभा का कहना है कि हम इस स्पेशल केस के आधार पर बीसीआई से भी विशेष अनुमति मांगेंगे। महज 13 वर्ष की उम्र में तनिष्का को देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में बीए में प्रवेश मिला है। विशेष अनुमति से उसे यह एडमिशन मिला था।
कुलपति डॉ. रेणु जैन से जब हमने चर्चा करी तो उनका कहना था कि तनिष्का की मां द्वारा पत्र बार काउंसिल ऑफ इंडिया से लिया जा रहा है। जिसमें यदि बार काउंसिल ऑफ इंडिया तनिष्का के लिए अनुमति देती है तभी उसे law में एडमिशन दिया जाएगा । हमारे यहांबीएएलएलबी में लगभग 120 सीट के करीब है लेकिन उम्र का पेच अगर हट जाए तो हम कुछ अलग से कोशिश करेंगे
पूरे मामले में इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमर सिंह राठौर का कहना था कि उनके द्वारा ऑल इंडिया बार काउंसिल ऑफ इंडिया से चर्चा कर एक पत्र भेजने को कहा है जिसमें यदि कोई छात्र एलएलबी में एडमिशन लेना चाहता है तो उसकी आयु सीमा का कोई प्रावधान है जिस पर ऑल इंडिया बार काउंसिल ने यह कहा था कि न्यूनतम आयु की कोई सीमा नहीं है अधितम तय की गई है।
10 साल में में 10वी तथा 12 वर्ष की उम्र में12 वीं कर ली थी–
इंदौर के अंबिकापुरी में रहने वाली तनिष्का सुजीत ने महज 12 साल की उम्र में बारहवीं पास कर कीर्तिमान अपने नाम कर लिया था । यह शहर की पहली बालिका है, जिसने कम उम्र में बारहवीं की है। पढ़ाई में तेज तनिष्का को चीफ जस्टिस बनना है। विधि की पढ़ाई में दिलचस्पी होने के चलते वह बीएएलएलबी में दाखिला लेना चाहती थी। मगर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संचालित पाठ्यक्रम में सीटें उपलब्ध नहीं है। इसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने तनिष्का को स्कूल ऑफ सोशल वर्क से संचालित बीए साइकोलॉजी में दाखिला दिया था । हालांकि छात्रा और उसकी मां ने अभी तक हार नहीं मानी है। विधि पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी बालिका की मदद कर रहे हैं।
मां अनुभा ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रेणु जैन से मिली थी । बेटी की काबिलियत के बारे में बताया। मां अनुभा ने बेटी को बीएएलएलबी में दाखिला लेना बताया था । मगर स्कूल ऑफ लॉ से संचालित बीएएलएलबी में एक भी सीटें खाली नहीं थी। बाद में विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने तनिष्का से बातचीत कर काउंसिलिंग की। बालिका ने सिविल सर्विसेस की तैयारी करना बताया। इस पर शिक्षकों ने बीए की पढ़ाई करने का सुझाव दिया। मां अनुभा बताती है कि समय निकलता जा रहा था। इसके लिए तुरंत स्कूल ऑफ सोशल साइंस के बीए साइकोलॉजी कोर्स में दाखिला लिया है।
तनिष्का ने कहा- कोरोना से चल बसे पिता, अब उनका सपना पूरा करना चाहती हूं
तनिष्का के पिता सुजीत का हाल ही में कोरोना से निधन हो गया। अब वह पिता के सपने को पूरा करने के लिए जज बनना चाहती हैं। वह कहती हैं इतनी कम उम्र में कॉलेज की पढ़ाई शुरू होना ही मेरी मंज़िल नहीं है। पिता ने मुझे विशेष अनुमति दिलवाने के लिए खूब प्रयास किए। मां अनुभा कहती हैं कि अब मैं तनिष्का को BA LLB में एडमिशन दिलाने के लिए केंद्र, राज्य शासन और BCI से अनुमति के लिए प्रयास करूंगी।