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भोपाल9 मिनट पहले
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सरकार ने ऑक्सीजन की आपात व्यवस
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बाद सरकार के सामने रेमडिसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की मांग पूरी करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगले दो-तीन दिन में रेमडिसिविर इंजेक्शन का संकट दूर हो जाएगा। इसी तरह 2 हजार ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर मशीन खरीदने के निर्देश दे दिए हैं। यह खरीदी आक्समिक व्यवस्था के उद्देश्य से की जा रही है। बता दें कि इस मशीन से पर्यावरण से ऑक्सीजन लेकर मरीज को दी जाती है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है।
जानकारी के मुताबिक कोरोना की पहली लहर में सरकार ने पिछले साल सितंबर माह में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कोविड मरीजो के लिए 40 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन लगाई थी। इन मशीनों से कोरोना के गंभीर मरीजों को सीधे हवा दी जाती है, जिससे उनके शरीर में ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल कम ना हो। बता दें कि एक मशीन का उपयोग 2 मरीजों के लिए होता है। इसलिए इन मशीनों को आईसीयू में इंस्टॉल किया जाता है।
लॉकडाउन परिस्थिति का समाधान नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन परिस्थिति का समाधान नहीं है। लॉकडाउन से बेहतर तो है कि यदि चेहरा लॉक हो जाए हम मुंह पर मास्क लगा लें और पैर भी लॉक हो जाएं अर्थात हम घर से अनावश्यक ना निकलें तो लॉक डाउन की स्थिति ही निर्मित नहीं होगी।
संक्रमण रोकने में प्रभावी होगा जनता कर्फ्यू
जिलों के आपदा प्रबंधन समूह अपने स्तर पर जनता कर्फ्यू लगाने का निर्णय ले रहे हैं। इससे साफ है कि जनता स्वयं कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए गंभीर है। स्थानीय स्तर पर आपसी सहमति से लगाया गया जनता कर्फ्यू और आवागमन तथा बाजार संचालन पर प्रतिबंध संक्रमण रोकने में अधिक प्रभावी होंगे।
धर्मगुरु और सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने की सिफारिश
भोपाल में कोरोना कर्फ्यू लगाने के लिए सामाजिक, धार्मिक और व्यवसायिक संगठनों ने एक पत्र कलेक्टर को लिखा था। इसको लेकर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में चर्चा हुई। इसके बाद ही भोपाल में 19 अप्रैल तक कारोना कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया है।