ऑक्सीजन अनमोल: एक ही जवाब- बेड नहीं है, 90 से कम ऑक्सीजन लेवल वाले मरीज को लेकर भटक रहे परिजन

ऑक्सीजन अनमोल: एक ही जवाब- बेड नहीं है, 90 से कम ऑक्सीजन लेवल वाले मरीज को लेकर भटक रहे परिजन


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रतलाम24 मिनट पहले

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  • गैस खत्म होने के डर से रोने लग जाते हैं परिजन
  • मरीजों को गेट से मना कर रहे, कहीं डॉक्टर खुद एक-एक सिलेंडर की जुगाड़ में लगे
  • मेडिकल कॉलेज में सिर्फ गंभीर मरीज का ही इलाज

हमारे शहर में एक-एक ऑक्सीजन बेड को लेकर मशक्कत चल रही है। आलम ऐसा है कि सभी अस्पतालों में मरीजों को एक ही जवाब सुनने को मिल रहा है कि… सर, बेड नहीं है। 90 से कम ऑक्सीजन लेवल वाले मरीज भी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भटकने को मजबूर है। जो ऑक्सीजन है, उसके खत्म होने का तनाव भी डॉक्टरों को ऐसा रहता है, कि डर में वे रोने लग जाते हैं। शुक्र है अब तक हमारे शहर में बड़ी घटना सामने नहीं आई है। इधर, मेडिकल कॉलेज के ट्राएज में सीधे मरीज पहुंचकर बेड के लिए गुहार लगा रहे है। पढ़ें अस्पतालों के हालत पर यह रिपोर्ट

मेडिकल कॉलेज : सीधे पहुंचे लोग बोल रहे साहब… कुछ भी करो लेकिन एक बेड दे दो, यहां ऑक्सीजन बेड एक भी नहीं

कुल बेड – 548 स्थिति – सभी ऑक्सीजन बेड फुल। ऑक्सीजन की जरूरत – 10 केएल मिल रही है – 8-10 केएल स्टाक – 450 सिलेंडर

स्थिति – मेडिकल कॉलेज रतलाम के साथ ही मंदसौर, नीमच, झाबुआ, धार, उज्जैन के मरीजों का भी सहारा है। लेकिन, अब कॉलेज भी फुल हो चुका है। ऑक्सीजन के 146 बेड है, एक भी बेड खाली नहीं है। गुरुवार को ट्राइज एरिया में एक मरीज के परिजन पहुंचे, वे मरीज को भर्ती करवाना चाह रहे थे, परिजन अड़े रहे, मरीज को ट्राइज एरिया में ही रखा गया। अस्पताल में 10 केएल का सिलेंडर है, 48 घंटे में 8 से 10 केएल ऑक्सीजन लग रही है। मरीजों को सीटी स्कैन के लिए ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिली।

पंडित डॉ. शिवशक्तिलाल शर्मा, आयुष अस्पताल : एक भी बेड नहीं है, 18 मरीजों की वेटिंग है यहां पर

कुल बेड – 100 स्थिति – सभी फुल ऑक्सीजन चाहिए – 150 मिल रही – 70-75 सिलेंडर स्टाक – 00 सिलेंडर

स्थिति – अस्पताल में बेड काे लेकर मशक्कत है। गुरुवार को अस्पताल में एक भी बेड नहीं था। अस्पताल के संचालक डॉ. राजेश शर्मा ने बताया 18 मरीजों की वेटिंग है, जो लगातार फोन पर बेड की इंक्वायरी ले रहे हैं। ऑक्सीजन जरूरत के मुताबिक आधी ही मिल रही है। तनाव बहुत ज्यादा है। इस तनाव में कई बार डॉक्टर और स्टाफ सदस्य रोने तक लगते हैं। कल सुबह हमारा डॉक्टर बाइक पर एक सिलेंडर लेकर आया है, ऐसा कई बार हो रहा है। कोई भी मरीज ऐसा नहीं आता, जिसका सेचुरेशन 90 से ज्यादा हो।

सीएचएल हॉस्पिटल : दिनभर में 30-40 इन्क्वायरी, सबको ना कहना पड़ रहा

कुल बेड – 16 स्थिति – सभी फुल ऑक्सीजन चाहिए- 70 मिल रही – 50 सिलेंडर स्टॉक – 00

स्थिति – बाहर से अस्पताल सामान्य लग रहा है, लेकिन, यहां नए मरीजों की एंट्री बंद है। कर्मचारी बताते हैं कि मई मरीज सीधे अस्पताल में पहुंच रहे है, उन्हें मना किया जा रहा है। क्योंकि, बेड नहीं है। दिनभर में 40 से ज्यादा कॉल बेड की इंक्वायरी के लिए आ रहे हैं। मना करना पड़ रहा है। अस्पताल में कुल 50 बेड है, कोविड के अलावा भी मरीज भर्ती है।

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