भोपाल में 20 हजार में जान का सौदा!: कोविड मरीज को नार्मल इंजेक्शन लगाकर रेमडेसिविर चुरा लाती थी नर्स; डिमांड आते ही प्रेमी के जरिए ब्लैक में बिकवा देती थी

भोपाल में 20 हजार में जान का सौदा!: कोविड मरीज को नार्मल इंजेक्शन लगाकर रेमडेसिविर चुरा लाती थी नर्स; डिमांड आते ही प्रेमी के जरिए ब्लैक में बिकवा देती थी


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भोपाल5 मिनट पहले

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  • भोपाल के जेके अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ में है गिरफ्तार युवक की प्रेमिका

एक तरफ मरीज रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए परेशान हो रहे हैं तो दूसरी तरफ कुछ लोग लालच के लिए फर्ज का सौदा करने से भी नहीं चूक रहे। मामला भोपाल शहर का है। यहां जेके अस्पताल में इस इंजेक्शन के बदले मरीजों को दूसरा नॉर्मल इंजेक्शन लगाकर खानापूर्ति करने का मामला सामने आया है। मरीज के लाए हुए इंजेक्शन को कालाबाजारी करने वाले एक युवक को कोलार पुलिस ने धर दबोचा है। उसने यह खुलासा किया है कि वह अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर ऐसा कर रहा है। कई मरीजों को धोखा दे चुके हैं। कोलार पुलिस द्वारा घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी का नाम झलकन सिंह हमीर सिंह मीणा है। गिरधर कॉम्प्लेक्स, दानिशकुंज निवासी झलकन सिंह की प्रेमिका शालिनी जेके अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ में शामिल है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसकी प्रेमिका इंजेक्शन रेमडेसिविर की बजाए दूसरा नॉर्मल इंजेक्शन मरीज को लगा देती थी। उसे बचाकर वह अपने प्रेमी झलकन को दे देती थी। उसने बताया कि वह ये इंजेक्शन 20 से 30 हजार रुपए कीमत पर लोगों को बेच दिया करता था।

आरोपी ने बताया कि उसने जेके अस्पताल के ही डॉक्टर शुभम पटेरिया को भी 13 हजार रुपए में बेचा है। इसका पैमेंट उसको ऑनलाइन किया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 389, 269, 270 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर झलकन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की अन्य आरोपी शालिनी वर्मा की तलाश की जा रही है।

लालच ने बना दिया आरोपी
रेमडेसिविर बेचते पकड़ा गया झलकन जेके अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ में शामिल है। कम वेतन पर काम कर रहे झलकन और उसके ही स्टाफ में काम कर रही शालिनी वर्मा को हालात से फायदा उठाने का लालच आया। उन्होंने मौके का फायदा उठाने की नीयत के साथ ये काम शुरू किया था। कई मरीजों के साथ दगाबाजी करने के बाद वे और अधिक कमाई के लालच में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

मरीज के परिजन ने दी अफसरों को जानकारी
सूत्रों का कहना है कि जेके अस्पताल में एडमिट एक मरीज के परिजन से झलकन ने इंजेक्शन का सौदा किया था। कीमत को लेकर खींचतान होती रही और इसी बीच उसके मरीज की मौत हो गई। इस बात से नाराज परिजन ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी की सूचना गोपनीय तरीके से पुलिस अफसरों तक पहुंचाई। जिसके बाद झलकन पर सतत निगरानी रखी जा रही थी। उसके जेब में इंजेक्शन होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद तत्काल उसकी घेराबंदी हुई और पुलिस ने उसको धर दबोचा।

रिपोर्ट: खान आशु

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