- Hindi News
- Local
- Mp
- Indore
- Air Force Aircraft Carrying Tanker For Oxygen, Had Trouble In Coming Three Tankers Together, Then The Fire Team Cut The Tanker’s Extra Material
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौर4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
वायुसेना का मालवाहक विमान टैंकर लेकर जामनगर के लिए रवाना हुआ।
इंदौर में टूटती सांसों को रोकने के लिए लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति तेजी से करने के लिए वायुसेना के मालवाहक विमान से टैंकर लगातार जामनगर ले जाए जा रहे हैं। बुधवार को तीन खाली टैंकर इंदौर से जामनगर के लिए रवाना किए गए। इसमें से एक टैंकर 30 टन, दूसरा 24 टन और तीसरा टैंकर 16 टन का है।
मालवाहक विमान से तीनों टैंकर एक साथ जामनगर के लिए रवाना हो सकें। इसके लिए टैंकर के कुछ हिस्सों को एयरपोर्ट की फायर टीम ने काट कर अलग किया। ये वे बाहरी हिस्से थे, जिनके कारण तीसरा टैंकर प्लेन के भीतर जाने में दिक्कत कर रहा था। एयरलिफ्ट प्रभारी व एकेवीएन के एमडी रोहन सक्सेना की माने तो विमान से टैंकर के जाने से समय की काफी बचत हो रही है और अब ढाई दिन की जगह 24 घंटे में टैंकर ऑक्सीजन लेकर इंदौर आ रहा है।
एयरपोर्ट की फायर टीम ने टैंकर में लगे एक्ट्रा मटेरियल को काटकर अलग किया।
23 अप्रैल से लगातार वायुसेना ऑक्सीजन सप्लाई के काम में लगी है
23 अप्रैल से वायुसेना के साथ उनका दो हजार करोड़ से अधिक कीमत का सबसे बड़ा मालवाहक सी-17 ग्लोब मास्टर विमान ऑक्सीजन टैंकर को इंदौर से जामनगर ले जाने के काम में लगा हुआ है। सामान्य तौर पर टैंकर इंदौर से रवाना होकर जामनगर से वापस आने में ढाई से तीन दिन का समय लगता है। ऐसे में अब यह टैंकर ऑक्सीजन लेकर 24 घंटे में ही इंदौर आ रहा है।
एक साथ तीन टैंकर लेकर रवाना हुआ विमान।
विमान की खासियत
- इस विमान का अमरनाथ यात्रियों को लाने से लेकर चीन विवाद के समय आपात स्थिति में सामान और सैनिकों को पहुंचाने में भी उपयोग किया गया।
- 1991 में अमेरिका की बोइंग कंपनी ने इसे विकसित किया। इसकी अधिकतम रफ्तार 950 किमी प्रति घंटा है। एक बार में 70 टन वजन ले जा सकता है। यह तीन ट्रक, दो हेलीकॉप्टर ले जा सकता है।
- यह विश्व के बड़े मालवाहक जहाजों में से एक है। ग्लोब मास्टर करगिल, लद्दाख और अन्य उत्तरी और उत्तर पूर्वी सीमाओं जैसी कठिन जगहों पर आसानी से उतर सकता है।
- विमान चार इंजनों से लैस है।
- इसकी लंबाई – 174 फीट, चौड़ाई- 170 फीट, ऊंचाई- 55 फीट और यह केवल 3500 फीट लंबी हवाई पट्टी पर भी उतर जाता है।
- 42 हजार किमी तक की उड़ान भर सकता है एक बार में।