KKR ने आईपीएल 2021 में पिछला मैच 29 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेला था. (KKR Twitter)
आईपीएल 2021(IPL 2021) में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को कोरोना से बचाने के लिए बीसीसीआई ने कड़ा बायो-बबल बनाया था. इसके बाद भी कोलकाता नाइट राइडर्स के दो खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakravarthy) और संदीप वॉरियर (Sandeep Warrier) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर कहां चूक हुई कि कोरोना ने लीग में दस्तक दे दी.
यात्रा और होटल इंतजामों की कमी से संक्रमित हुए खिलाड़ी मुंबई में दूसरी बार टीम के लिए बायो-बबल तैयार किया गया. आशंका है कि इसी दौरान कोई चूक हुई. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिस होटल में कोलकाता टीम ठहरी थी. उसके कुछ कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे. मुंबई में दो मैच खेलने के हफ्ते भर बाद कोलकाता टीम को दोबारा यात्रा करनी पड़ी. इस बार टीम मैच खेलने के लिए अहमदाबाद पहुंचीं थी. इस बात की भी आशंका है कि एयरपोर्ट से आवाजाही के दौरान खिलाड़ी वायरस की चपेट में आए हों. कोलकाता टीम ने अहमदाबाद में 26 अप्रैल को पहला और 29 अप्रैल को दूसरा मैच खेला था और उसे सोमवार (3 मई) को यहां तीसरा मैच खेलना था. ऐसे में यात्रा और होटल में संक्रमण रोकने के इंतजाम में चूक से ही खिलाड़ी संक्रमित हुए हैं. ईएसपीएन क्रिकइंफो के मुताबिक, वरुण चक्रवर्ती हाल ही में आधिकारिक ग्रीन चैनल के जरिए अपने कंधे का स्कैन कराने के लिए आईपीएल के बायो बबल से बाहर निकले थे और आशंका है कि इसी दौरान वायरस की चपेट में आ गए. यह भी पढ़ें : IPL 2021: डेविड वॉर्नर को टीम से बाहर किए जाने पर सनराइजर्स हैदराबाद पर भड़के उनके भाई, बताई असली वजह BCCI ने आईपीएल 2021 के लिए सख्त बायो-बबल तैयार किया था बीसीसीआई ने आईपीएल 2021 के लिए सख्त बायो-बबल तैयार किया था. सभी टीमों के लिए बीसीसीआई ने चार सुरक्षाकर्मी तैनात किए थे. जिनके ऊपर बायो-बबल के नियम का पालन कराने की जिम्मेदारी थी. इसके अलावा टीम के बायो-बबल से किसी को भी बाहर जाने की इजाजत नहीं थी. IPL 2021: टेबल में नंबर-1 पर पहुंचने के बाद ऋषभ पंत का बड़ा बयान- टीम में होगा बदलाव वहीं, बायो-बबल में शामिल हर सदस्य को ट्रैकिंग डिवाइस दी गई थी. ये डिवाइस घड़ी की तरह थी और खिलाड़ी को हर वक्त इसे पहनना था. ऐसा इसलिए किया गया था कि अगर कोई सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो फिर इस डिवाइस के जरिए ये पता लगाया जाता कि उस शख्स के करीब कौन-कौन से सदस्य आए थे. वहीं, दूसरे देश से आए खिलाड़ियों या बायो-बबल से बाहर जाने वाले खिलाड़ियों को सात दिन क्वारेंटाइन का नियम भी था. इस सबके बावजूद अगर खिलाड़ी संक्रमित पाए गए हैं तो इंतजामों पर सवाल उठना लाजिमी है.