सांसों का संकट खत्म करने का युद्ध: 60 बेड वाले नए वार्ड की शुरुआत, 70 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले, 410 मरीजों का हो सकेगा इलाज

सांसों का संकट खत्म करने का युद्ध: 60 बेड वाले नए वार्ड की शुरुआत, 70 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले, 410 मरीजों का हो सकेगा इलाज


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रतलाम3 घंटे पहले

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कोरोना मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में शुरू किया गया नया वार्ड।

  • ऑक्सीजन की कमी दूर करने शहर विधायक ने आयात कर मंगाई 70 लाख की मशीन
  • अगले सप्ताह चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा लगाया जा रहा पीएसए ऑक्सीजन प्लांट भी शुरू होने की संभावना

महामारी के संकट काल में ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने चेतन्य काश्यप फाउंडेशन लगातार मेडिकल कॉलेज और प्रशासन का हमकदम बना हुआ है। इस क्रम को बरकरार रखते हुए फाउंडेशन ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 70 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर (10 लीटर क्षमता) देकर 60 बेड वाला नया वार्ड शुरू किया।

खास बात यह है कि 70 लाख रुपए की लागत वाली ये मशीनें फाउंडेशन ने खास तौर पर आयात कर मंगवाई है। फाउंडेशन अध्यक्ष और शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने मंगलवार दोपहर कलेक्टर गोपालचंद्र डाड, एसपी गौरव तिवारी, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता के साथ वार्ड का प्रारंभ किया। अब मेडिकल कॉलेज में 410 कोरोना मरीजों का इलाज हो सकेगा।

अभी कॉलेज में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 350 बेड ही थे। वहीं मेडिकल कॉलेज की कुल क्षमता 450 से बढ़कर 510 बेड की हो गई है। इसका फायदा रतलाम, मंदसौर, नीमच के अलावा आसपास के जिलों के संक्रमितों को भी मिलेगा। कॉलेज में मरीजों की वेटिंग लिस्ट में भी कमी आएगी। इतना ही नहीं फाउंडेशन द्वारा 1.02 करोड़ रुपए के खर्च से मेडिकल कॉलेज में लगाया जाने वाला पीएसए टेक्नोलॉजी आधारित ऑक्सीजन प्लांट भी अगले सप्ताह चालू हो जाएगा।

फाउंडेशन अध्यक्ष और विधायक काश्यप ने बताया महामारी में मेडिकल कॉलेज अहम भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में 350 ऑक्सीजन बेड हैं लेकिन लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ने से नए मरीजों को प्रतीक्षा करना पड़ रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कॉलेज में नए वार्ड की जरूरत महसूस की जा रही थी, लेकिन लिक्विड ऑक्सीजन की कमी थी।

चेतन्य काश्यप फाउंडेशन व सहयोगी संस्था ने 70 लाख की लागत से 10 लीटर क्षमता वाले 70 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आयात किए। ये कंसंट्रेटर हवा से सीधे ऑक्सीजन बनाते हैं जिससे लिक्विड ऑक्सीजन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। प्रशासन और मेडिकल कालेज प्रबंधन की सहमति के बाद 60 बेड का नया ऑक्सीजन वार्ड आरंभ कर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मेडिकल कॉलेज को सौंप दिए गए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह आशुतोष शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लुनेरा भी मौजूद रहे।

1.02 करोड़ से ऑक्सीजन प्लांट भी लगवा रहा फाउंडेशन

ऑक्सीजन की कमी का स्थायी समाधान करने के लिए चेतन्य काश्यप फाउंडेशन मेडिकल कॉलेज में 1.02 करोड़ के खर्च से प्रेशर स्विंग एब्जार्बशन (पीएसए) ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी लगवा रहा है। 57 मीटर क्यूब क्षमता वाले कंसट्रेटर प्लांट से आईसीयू में भर्ती 140 मरीजों को लगातार ऑक्सीजन मिल सकेगी। दो-तीन दिन में यहां पहुंचने के बाद प्लांट अगले सप्ताह से फंक्शनल हो जाएगा। ऑक्सीजन कंसट्रेटर मशीन की तरह ही ऑटोमेटिक प्लांट की खासियत यह है कि यह सीधे हवा से ऑक्सीजन उत्पादित करेगा।

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