खरगोन में चोरल नदी में फंसे दो लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन
इंदौर (indore) के नज़दीक चोरल नदी में कई हादसे हो चुके हैं. वहां सैर-सपाटा करने गए लोग प्रशासन की चेतावनी (warning) को नज़रअंदाज़ कर नदी में पहुंच जाते हैं.
बडवाह से करीब 5 किलोमीटर दूर वन क्षेत्र सिद्धवरकूट है. इंदौर के पवन और सागर नाम के युवक सैर सपाटे के लिए यहां आए थे. प्रशासन की चेतावनी बोर्ड और कई हादसों से सबक न लेते हुए ये दोनों चोरल नदी के बीच टापू में बैठकर खाना पीने के साथ पिकनिक का मज़ा ले रहे थे. तभी अचानक नदी में उफान आ गया.
चेतावनी की अनदेखी पड़ी भारी
ये घटना शाम करीब 6 बजे की है. बारिश होने के कारण चोरल नदी में उफान आया और पवन और सागर दोनों नदी में फंस गए. ये दोनों चौड़ापाट पुल के पास टापू पर फंसे थे. पानी में फंसते ही इनकी जान के लाले पड़ गए और फिर इन्हें प्रशासन की याद आयी. आसपास मौजूद लोगों ने प्रशासन को खबर दी. जब तक टीम पहुंची तब तक 3 घंटे बीत चुके थे.वो 40 मिनट
प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. गोताखोरों ने पानी में रस्सी फेंकी और दोनों युवकों को बचाया. इसमें करीब 40 मिनट लग गए. हर पल जान को ख़तरा था. ज़रा सी चूक में दोनों की जान जा सकती थी.लेकिन बड़वाह प्रशासन की सूझबूझ ने रात के अंधेरे में भी दोनों युवकों को बचा लिया. बड़वाह से आए गोताखोर बाबूलाल मंगले, प्रदीप केवट, लखन केवट की टीम सहित नगर पालिका के दल और पुलिस की टीम ने अंधेरे में उफनती चोरल नदी में रस्सों की सहायता से करीब 40 मिनट में दोनों युवकों को बाहर निकालकर बचाया. (खरगोन से आशुतोष पुरोहित की रिपोर्ट)