After CBSE, now UP and Haryana board will also cut syllabus, Gujarat board has already decided | CBSE के बाद अब यूपी और हरियाणा बोर्ड भी करेगा सिलेबस में कटौती, गुजरात बोर्ड पहले ही ले चुका है फैसला

After CBSE, now UP and Haryana board will also cut syllabus, Gujarat board has already decided | CBSE के बाद अब यूपी और हरियाणा बोर्ड भी करेगा सिलेबस में कटौती, गुजरात बोर्ड पहले ही ले चुका है फैसला


  • इस साल यूपी बोर्ड कक्षा 9 से 12 तक के सिलेबस में 10 से 30 फीसदी तक की करेगा कटौती
  • हरियाणा सरकार ने भी मौजूदा शैक्षणिक सत्र में 9वींं से 12वीं तक के सिलेबस को कम करने का किया फैसला

दैनिक भास्कर

Jul 10, 2020, 01:28 PM IST

कोरोना और लॉकडाउन की वजह से पढ़ाई को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए CBSE और CISCE के बाद अब कई राज्यों के बोर्ड ने भी अगले एकेडमिक ईयर के लिए सिलेबस कम करने फैसला लिया है। इसी क्रम में गुजरात सरकार ने भी 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस में  CBSE की तर्ज पर ही कटौती करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा यूपी और हरियाणा राज्य बोर्ड भी मौजूदा हालात को देखते हुए पाठ्यक्रम में कटौती करेगा।

10 से 30 फीसदी तक होगी कटौती

इस साल यूपी बोर्ड कक्षा 9 से 12 तक के सिलेबस में 10 से 30 फीसदी तक की कटौती करेगा। इस बारे में सरकार को भेजे एक प्रस्ताव के मुताबिक, जुलाई में अगर नियमित क्लासेस नहीं होती हैं, तो 9वीं से 12वीं तक के पूरे सिलेबस के 10 प्रतिशत भाग को कम किया जाएगा। वहीं, अगर अगस्त में भी पढ़ाई बाधित रहती है, तो 20 प्रतिशत और सितंबर तक क्लासेस स्थगित रहने पर 30 प्रतिशत तक सिलेबस कम किया जाएगा। राज्य में 15 जुलाई से ऑनलाइन क्लासेस की तैयारी की जा रही है।

हरियाणा में भी होगा सिलेबस कम

इसके अलावा पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने भी मौजूदा शैक्षणिक सत्र में 9वींं से 12वीं तक के सिलेबस को कम करने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने बोर्ड को एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कोरोनावायरस को देखते हुए, स्टूडेंट्स के ऊपर किसी भी तरह का बोझ या मानसिक दबाव नहीं होना चाहिए। अगर आगे भई इस तरह के हालात जारी रहते है तो राज्य सरकार स्टूडेंट्स को टैबलेट (कंप्यूटर) देने पर विचार कर सकती है। 

CISCE और  CBSE पहले ही कर चुके कटौती

इससे पहले CISCE ने अगले एकेडमिक सेशन में 10वीं- 12वीं के सभी प्रमुख विषयों के सिलेबस को 25 फीसदी तक कम करने का फैसला किया था। जिसके बाद CBSE ने भी कक्षा 9 से 12 तक के पाठ्यक्रमों में 30 प्रतिशत की कमी करने का ऐलान किया। इस बारे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी थी।



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