90-year-old Sukhibai died from Corona, informed of Motanbai’s death | कोरोना से 90 वर्षीय सुखीबाई की हुई मौत, सूचना दे दी मोतनबाई की मौत की

90-year-old Sukhibai died from Corona, informed of Motanbai’s death | कोरोना से 90 वर्षीय सुखीबाई की हुई मौत, सूचना दे दी मोतनबाई की मौत की


खंडवा16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • मरने वाली महिला बरुड़ निवासी थी, जबकि जीवित महिला सिंघाड़ तलाई की है

काेराेना पाॅजिटिव महिला मरीज की माैत और एक गलत सूचना ने श्मशान में हंगामा मचा दिया। काेविड सेंटर में जिस महिला की माैत हुई, वह बरुड़ की रहने वाली थी। जबकि वहीं पर शहर के सिंघाड़तलाई निवासी महिला भी भर्ती थी। दाेनाें की उम्र 90 साल है। काेविड सेंटर से बरुड़ के बजाय सिंघाड़ तलाई की महिला के परिजन काे फाेन पर सूचना दी गई कि उनकी माैत हाे गई है। बिलखते परिजन श्मशान पहुंचे। बहसबाजी के बाद काेविड सेंटर से पुन: तस्दीक की गई। पता चला गलत सूचना के कारण ऐसा हुआ है। शव पाॅजिटिव महिला का ही है, लेकिन जिसके परिजन श्मशान पहुंचे हैं, वह महिला जिंदा है।  जिला अस्पताल के कोविड सेंटर में शनिवार सुबह 4 बजे कोरोना पॉजिटिव मरीज सुखीबाई (90) निवासी ग्राम बरुड़ की मौत हो गई। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती उनके दामाद ने अंतिम संस्कार के लिए लिखित में अनुमति दे दी। सुबह 10 बजे शव को किशोर कुमार मुक्तिधाम पर आंतम क्रिया के लिए लेकर पहुंचे। तभी पुलिस अधिकारी का फोन आया कि उनके परिजन आ रहे हैं, कुछ देर रुक जाओ। सुबह 11 बजे करीब 20-25 लोग श्मशान घाट पर पहुंचे। तब तक सुखीबाई के शव को कंडे और लकड़ियों पर रख दिया था। 

कोविड सेंटर में की तस्दीक… शव सुखीबाई का है
अंतिम क्रिया की तैयारी कर रहे फॉरेंसिक विभाग के डॉॅ. सागर मीणा, पोस्टमार्टम टीम के बादल गोयत, हेमंत घारू, टम्मू पटेल व सामाजिक संस्था के मुबारिक पटेल भीड़ देखकर रुके। एक महिला ने कहा मैं कलाबाई हूं और मृतका मेरी सास है। कल ही तो हमारी माई को भर्ती किया और आज मौत हो गई। अनिल प्रजापति व छोटे बेटे राधाकिशन प्रजापति ने कहा हमें पांच मिनट पहले फोन आया कि मोतनबाई की मौत हो चुकी है, आप किशोर कुमार मुक्तिधाम जल्द पहुंच जाओ। श्मशान पहुंचे लोगों ने कुछ देर के लिए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकवाई और मुंह दिखाने का कहने लगे। इस पर फॉरेंसिक डॉक्टर ने कहा श्मशान में मुंह नहीं दिखा सकते। इस बात को लेकर माेतन बाई के परिजन बहस करने लगे। डॉक्टर ने कोविड वार्ड में फोन लगाकर कंफर्म किया। अंतिम संस्कार कर रही टीम ने कहा कि मोतनबाई जिंदा है ये सुखीबाई का शव है। 

बेटा बोला- माई तो जिंदा है 
मोतनबाई मौत की खबर सुन सिंघाड़ तलाई क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अस्पताल पहुंचे छोटे बेटे रामेश्वर ने बड़े भाई राधाकिशन प्रजापति को फोन पर बताया कि माई जिंदा है, हम लोग अस्पताल में कोविड वार्ड के बाहर हैं और उन्हें वीडियो कॉल पर देख रहे हैं। तुम लोग श्मशान घाट से यहां (अस्पताल) आ जाओ। 
सुखीबाई के परिजन होम क्वारेंटाइन 
सुखीबाई की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार में बेटा व अन्य रिश्तेदार शामिल नहीं हो सके। उनका बेटा, बहू व अन्य रिश्तेदारों को 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाइन किया है। इसलिए वे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। दो दिन बाद होम क्वारेंटाइन अवधि समाप्त होगी। कोविड 19 की गाइडलाइन के अनुसार सुखीबाई का अंतिम संस्कार किया गया। 

^सुखीबाई की मौत शनिवार सुबह 4 बजे हुई। आइसोलेशन वार्ड में महिला का दामाद भी भर्ती है। उनकी लिखित अनुमति के बाद ही शव को श्मशान लेकर आए। सुखीबाई व मोतनबाई की समान उम्र है। इस कारण किसी ने मोतनबाई के परिजन को फोन कर दिया था।  -डॉ. सागर मीणा, फॉरेंसिक एक्सपर्ट

0



Source link