डॉ. गोविंद सिंह (बाएं) ने सीएम शिवराज सिंह (दाएं) को आड़े हाथों लिया.
डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि मैंने पहले ही सीएम चौहान से अनुरोध किया था कि सिंधिया समर्थक मंत्रियों को राजस्व और परिवहन विभाग न दिया जाए. लेकिन क्या करें वे कुर्सी छपाक हो गए है. उन्होंने सिंधिया के सामने समर्पण कर दिया है.
शिवराज से किया था अनुरोध सिंधिया समर्थकों को ने दें राजस्व और परिवहन
कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने परिवहन विभाग में गड़बड़ियों को लेकर कहा है कि मैंने पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया था कि सिंधिया समर्थक मंत्रियों को राजस्व और परिवहन विभाग न दिया जाए. सिंधिया ने अपने मंत्रियों को परिवहन और राजस्व देने का दबाव बनाया था. शिवराज को पहले ही आगाह किया था, लेकिन क्या करें वे कुर्सी छपाक हो गए है. कुर्सी बचाने के लिए उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऐसे मुख्यमंत्री पद को ठोकर मार देनी थी. इस तरह का दबाव राजनीति में शोभा नहीं देता है. जहां अपमान होता हो, वहां तुरंत कुर्सी छोड़ देनी चाहिए. शिवराज सिंह चौहान किसान के बेटे हैं. किसान के बेटे को कोई लालच नहीं होना चाहिए.
हजारों करोड़ की जमीन सिंधिया ने ट्रस्ट के नाम करा लीमध्य प्रदेश में सिंधिया समर्थक मंत्रियों के दलबदल करने के साथ 15 महीने में ही कांग्रेस की सरकार गिर गई थी. ऐसे में कांग्रेस अब सिंधिया और सिंधिया समर्थकों पर लगातार हमलावर है. पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि हजारों करोड़ की जमीन सिंधिया ने अपने ट्रस्ट के नाम करा ली. आजादी के बाद सिंधिया ने कई सरकारी जमीनें ग्वालियर के ट्रस्ट और उनके सहयोगियों को नामांतरण की. अगर नामांतरण न की गई हो तो में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध करता हूं कि मुझ पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए.
ट्रांसपोर्टर देर से ही सही अन्याय के खिलाफ खड़े हुए
कांग्रेस ने ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का समर्थन किया है. पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है कि देर से ही सही लेकिन अन्याय के खिलाफ ट्रांसपोर्टर्स बहादुरी से खड़े हुए हैं. पुलिस के दलाल मनमाने तरीके से चौकियों पर अवैध वसूली कर रहे हैं. वहीं एमपी से लगे यूपी के झांसी में डीजल 8 रुपए तीन पैसे सस्ता है. मध्य प्रदेश में 1 लीटर डीजल पर 8 रुपये 83 पैसे ज्यादा लिए जा रहे हैं. ऐसे में ट्रांसपोर्टर अपना व्यापार कैसे चलाएंगे. सिंधिया समर्थक मंत्रियों के पास परिवहन विभाग होने से इस तरह की गड़बड़ियां होती रहेंगी.