बैतूल9 घंटे पहले
बैतूल के सबसे बड़े जेएच कॉलेज में एक शर्मनाक घटना में एक शिक्षक ने एमए में पढ़ने वाली छात्रा को पत्थर लेकर दौड़ाया फिर से उससे अभद्रता की।
- बैतूल के सबसे बड़े जेएच कॉलेज की घटना, पुलिस ने टीचर को गिरफ्तार किया
- घटना में सीसीटीवी में कैद हुई, सिरफिरा शिक्षक प्राइमरी स्कूल में पढ़ाता है
बैतूल में एक सरकारी कॉलेज में शर्मनाक घटना सामने आई है जिसमें एक सरफिरा शिक्षक छात्रा को मारने के लिए पत्थर लेकर दौड़ रहा है, और छात्रा भाग रही है। इसके बाद छात्रा को उसने कालेज के अंदर पकड़ा और थप्पड़ मार कर उससे दुपट्टा छीन लिया। इसके बाद दुपट्टे को छीनकर पैरों से कुचलता रहा। मामले की शिकायत होने के बाद पुलिस ने इस सिरफिरे शिक्षक को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया है। इस घटना से कालेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सिरफिरे शिक्षक नरेंद्र सराठे को पुलिस थाने ले गई तो वहां वो मोबाइल से खेलता रहा।
बैतूल के सबसे बड़े सरकारी कालेज जीएच कॉलेज में एडमिशन की कार्यवाही चल रही थी और किसी कार्य के लिए एमकाम की पढ़ाई कर रही छात्रा कालेज पहुंची थी। कालेज परिसर में छात्रा मोबाइल पर बात कर रही थी इस दौरान एक सरफिरा शिक्षक उसके पास आया और उसने बोला कि वह उसे क्यों घूर रही है।
छात्रा ने बोला कि वह घूर नहीं रही है फोन पर बात कर रही है। इस बात के बाद इस शिक्षक ने हाथ में पत्थर उठाकर छात्रा को मारने की कोशिश की तो छात्रा अपनी जान बचाने के लिए भागी। जहां शिक्षक उसके पीछे भागता रहा जैसे ही छात्रा कॉलेज के अंदर गई शिक्षक भी अंदर पहुंच गया और उसने छात्रा को पकड़कर थप्पड़ मारना शुरू कर दिए। इसके बाद उसका दुपट्टा छीन लिया और पैर से दुपट्टा घसीटते हुए ले गया।
पुलिस ने कहा- बढ़ाएंगे शिक्षक पर धाराएं
पूरी घटना कालेज में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वहीं कालेज प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जहां पुलिस कालेज पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर उसे हवालात में बंद कर दिया। पुलिस का कहना है कि शिक्षक के खिलाफ तत्काल में धारा 151 का मामला पंजीबद्ध किया गया है। छात्रा के बयान के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
पेशे से शिक्षक है सरफिरा
बैतूल के नगर निवासी विनोवा वार्ड निवासी शिक्षक नरेंद्र सराठे उड़दन गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ है। वह कॉलेज किस लिए गया था यह किसी को पता नहीं है। इस घटना के बाद कालेज परिसर में लगाई गई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।