बैतूल जिले में गर्भवती महिलाओं की जांच और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के चिन्हांकन में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। यह मामला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा 13 जनवरी को ली गई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आया था। बैठक में कई स्वास्थ्य केंद्रों में गंभीर लापरवाही पाई गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने तीन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। इनमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बोदी जूनामानी की मोनिका भूमरकर, डेढ़पानी की ज्योति धोटे और चांदू रातामाटी के संतोष बडकुले शामिल हैं। सीएमएचओ ने कलेक्टर से इन तीनों सीएचओ को कार्य के प्रति उदासीनता और गंभीर लापरवाही के कारण सेवा समाप्त (बर्खास्त) करने की अनुशंसा की है। सात सीएचओ को नोटिस, 3 एएनएम की दो-दो वेतनवृद्धि रोकी इसके अतिरिक्त, सात अन्य सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, तीन एएनएम संध्या कालभोर, उर्मिला इवने और गीता रघुवंशी पर भी कार्रवाई की गई है। इन एएनएम की दो-दो वेतन वृद्धि रोकी गई है, क्योंकि उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन नहीं किया और कार्य में लापरवाही बरती। साथ ही, तीन अन्य एएनएम को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कलेक्टर द्वारा की जा रही सख्त निगरानी का हिस्सा है।
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