Narmada 14 feet above danger mark, more than 250 families sent to relief camps | नर्मदा नदी खतरे के निशान से 14 फीट ऊपर, निचली बस्तियाें में घुसा पानी, 250 से ज्यादा परिवाराें काे राहत शिविराें में भेजा गया

Narmada 14 feet above danger mark, more than 250 families sent to relief camps | नर्मदा नदी खतरे के निशान से 14 फीट ऊपर, निचली बस्तियाें में घुसा पानी, 250 से ज्यादा परिवाराें काे राहत शिविराें में भेजा गया


देवास23 मिनट पहले

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नेमावर में नर्मदा के मुख्य स्नान वाले सिद्धनाथ और नागर घाट पूरी तरह से जलमग्न हाे गए।

  • नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र में शुक्रवार से शुरू हुई तेज बारिश शनिवार काे भी दिनभर हुई, तवा व बर्घी के गेट भी खाेले, बिगड़े हालात
  • नेमावर सहित मंडलेश्वर, दैयत, कुंडगांवबुजुर्ग, कुंडगांवखुर्द, चिचली, कराेंदमाफी, बिजलगांव टापू में तब्दील, दुलवा, जामनेर व कणां गांव भी प्रभावित

नेमावर सहित नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र में शुक्रवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश शनिवार काे भी दिनभर हुई। इधर, तवा व बर्घी बांध के गेट भी खाेल दिए गए। इससे नेमावर में शनिवार शाम 7.21 बजे तक नर्मदा खतरे के निशान से 14 फीट ऊपर बह रही थी। इसके बाद भी लगातार पानी बढ़ रहा था। इससे नेमावर की निचली बस्तियाें में पानी घुस गया। प्रभावित हुए 250 से ज्यादा परिवाराें काे राहत शिविराें में पहुंचाया गया। सहायक नदी जामनेर, गाेनी व बागदी भी उफान पर थी। किनारे बसे मंडलेश्वर, दैयत, कुंडगांवबुजुर्ग, कुंडगांवखुर्द, चिचली, कराेंदमाफी, बिजलगांव आदि गांव टापू में तब्दील हाे गए। इसी तरह दुलवा, जामनेर व कणां गांव जामनेर नदी के बैकवाॅटर से प्रभावित हुए। इधर, नेमावर से बाहर जाने के वाले सभी मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते न काेई बाहर जा सकता और न ही काेई अंदर आ सकता है।

नेमावर में पानी में डूबे घर।

नेमावर में पानी में डूबे घर।

नर्मदा नदी में शुक्रवार रात 12 बजे से जलस्तर बढ़ना शुरू हाे गया था। उस समय जलस्तर 882 फीट पर था, जाे कि खतरे के निशान से तीन फीट नीचे था। शनिवार तड़के 4 बजे नर्मदा खतरे के निशान से डेढ़ फीट यानी 886.6 पर पहुंच गई थी। इसके बाद हर घंटे जलस्तर बढ़ता चला गया और शाम करीब 7.21 बजे तक नर्मदा खतरे के निशान 885 से 14 फीट ऊपर 899 पर बह रही थी। इधर, लगातार बढ़े जलस्तर के कारण नगर के वार्ड 3, 13, 14 व 9 की निचली बस्ती धाड़ी माेहल्ला, हरिजन माेहल्ला, कुमार माेहल्ला, आदिवासी वार्ड व मुस्लिम माेहल्ले में पानी घुस गया था। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण देर रात नगर के 15 में से करीब 12 वार्ड पूर्ण रूप से प्रभावित हाे गए थे। इसके चलते प्रशासन ने प्रभावित 250 से ज्यादा परिवाराें काे नगर के स्कूल एवं सामाजिक धर्मशालाओं में पहुंचाया।

नागर घाट पर लगी दुकानें जलमग्न।

नागर घाट पर लगी दुकानें जलमग्न।

खातेगांव एसडीएम संताेष तिवारी ने बताया कि प्रभावित लाेगाें काे राहत शिविराें में पहुंचा दिया गया है। कुछ वार्ड ज्यादा प्रभावित हुए हैं। सीएमओ हरिओम कचाेले ने बताया कि राहत शिविराें में ठहरे सभी प्रभावित लाेगाें के भाेजन की व्यवस्था नगर परिषद द्वारा कर दी गई है। उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

नेमावर में नर्मदा नदी पुल से कुछ ही नीचे बह रही।

नेमावर में नर्मदा नदी पुल से कुछ ही नीचे बह रही।

नर्मदा के पूर्व-पश्चिम किनारे के 13 से ज्यादा गांवाें का नेमावर से संपर्क कटा

नेमावर के पश्चिम किनारे बसे गांव निमनपुर, नवाड़ा, बजवाड़ा, सुरजना, दावठा, मंडलेश्वर, धरमपुरी आदि गांवों का नेमावर नगर से पूरी तरह से संपर्क कट गया। इसी तरह नर्मदा के पूर्व की ओर बसे गांव कुंडगांवखुर्द, कुंडगांवबुजुर्ग, मुरझाल, दैयत, चिचली, बिजलगांव का संपर्क भी नगर से कट गया। इनमें से कई गांव पूरी तरह से टापू बन गए हैं।

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