जबलपुर में एक महिला ने अपने पति की मौत के बाद व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. (File Photo)
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल एक और तस्वीर सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुई है.
नेहा तिवारी के मुताबिक हद तो यह है कि आज तक उनके पति की कोरोना रिपोर्ट उन तक नहीं पहुंची है. निजी अस्पताल में उन्हें निमोनिया बताया गया था और भर्ती करने से मना कर दिया गया, जिसके बाद वह मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे थे. भर्ती भी हुए, लेकिन जैसे ही परिजन घर तक खाना और कपड़े लेने पहुंचे उस 10 मिनट के दरमियान मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पूरे मामले में पीड़ित पत्नी ने एफआईआर की मांग की है और दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई को जरूरी बताया है.
ओके थैंक्यू बोलकर भागे सीएमएचओ
वहीं दूसरी ओर स्वास्थ सुविधाओं में अव्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने से ही सवालो पर कन्नी काटते देख रहे हैं. सीएमएचओ डॉ. रत्नेश कुरारिया तो मीडिया के सवालों पर इस कदर भड़क गए कि ओके थैंक यू बोलते हुए कैमरे के सामने से ही भाग खड़े हुए. दूसरे जिम्मेदार भी मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं.