Demand to reduce mandi fee to 0.50 percent, memorandum submitted | मंडी शुल्क घटाकर 0.50 प्रतिशत करने की मांग, सौंपा ज्ञापन

Demand to reduce mandi fee to 0.50 percent, memorandum submitted | मंडी शुल्क घटाकर 0.50 प्रतिशत करने की मांग, सौंपा ज्ञापन


दतियाएक घंटा पहले

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जिले की सभी कृषि मंडियों में गुरुवार से फिर ताले डल गए हैं। व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से मंडी शुल्क घटाकर 50 पैसे प्रतिशत करने की मांग को लेकर प्रदेश संगठन सकल अनाज दलहन तिलहन महासंघ के नेतृत्व में मंडी सचिव को एक ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की की घोषणा कर दी है। इधर मंडी रहने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिन किसानों को पैसों की आवश्यकता के लिए फसल बेचना है उन्हें खासी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

बता दें कि 15 दिन पहले भी व्यापारियों और कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर तीन दिवसीय प्रदेश व्यापी हड़ताल की थी। एक महीने के अंदर ही दूसरी बार फिर गुरुवार से व्यापारियों ने प्रदेश व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। व्यापारियों की मांग की है कि मंडियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए प्रदेश सरकार से मंडी शुल्क घटाकर 50 पैसे प्रतिशत किया जाए।

व्यापारियों ने कहा कि वे पहले भी कई बार इस संबंध में आवेदन दे चुके हैं लेकिन सरकार ने जब मामले में कोई निर्णय नहीं लिया तो व्यापारियों ने प्रदेश संगठन सकल अनाज दलहन तिलहन महासंघ के नेतृत्व में अनिश्चित कालीन गल्ला मंडी बंद रखने का आव्हान किया। उक्त आंदोलन में दतिया अनाज व्यापारी संघ के नेतृत्व में मंडी सचिव राकेश गोस्वामी को आवेदन दिया गया जिसमें मांगे पूरी होने तक दतिया मंडी में भी कार्य बंद रखने की घोषणा की और नीलामी कार्य में व्यापारीगणों के शामिल नहीं होने का फैसला लिया।

हड़ताल में संतोष मलैया, बल्लभ अग्रवाल, अनिल गुप्ता, ढप्पु राजा, संतोष पुरोहित, उमाशंकर मिश्रा, अलेन्द्र त्रिपाठी, गौरव रूसिया, सिल्लन साहू, आनंद साहू, मनोज मलैया आदि शामिल हैं।

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