Wasted crop, survey report received by every farmer, if not satisfied, they will agitate | बर्बाद हुई फसल, हर किसान को मिले सर्वे रिपोर्ट, संतुष्ट नहीं हुए तो करेंगे आंदोलन

Wasted crop, survey report received by every farmer, if not satisfied, they will agitate | बर्बाद हुई फसल, हर किसान को मिले सर्वे रिपोर्ट, संतुष्ट नहीं हुए तो करेंगे आंदोलन


खरगोन10 मिनट पहले

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जिलेभर के किसान प्रतिनिधि धरना आंदोलन में शामिल हुए।

  • भारतीय किसान संघ प्रतिनिधियों ने धरना सभा में उठाई मांग, 7 मांगें रखी

अतिवृष्टि से खराब फसल का सर्वे व मुआवजा व समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी सहित अन्य मांगों को लेकर सोमवार को भारतीय किसान संघ ने टीआईटी कॉम्पलेक्स में सुबह 11.30 बजे धरना दिया। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य जगदीश पाटीदार, जिलाध्यक्ष श्यामसिंह पंवार, पूर्व अध्यक्ष सीताराम पाटीदार, गोपाल पाटीदार, सीताराम इंगला ने संबोधित करते कहा कि 70 प्रतिशत से ज्यादा फसल खराब हो गई है। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भाग गए।

मिर्च का बीमा नहीं किया है। मुआवजा मिलना चाहिए। कई फसलों का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। दोपहर 3 बजे धरना खत्म हुआ। एसडीएम सत्येंद्र प्रतापसिंह को 7 मांगों के पत्र के साथ नुकसानी का व्यक्तिगत सर्वे सौंपने की मांग की। किसान संतुष्ट नहीं होंगे तो जिलेभर में आंदोलन करेंगे। इस दौरान गजानंद बाके, झंवरसिंह पंवार, शेखर पाटीदार, नारायण यादव, राजेंद्र चौहान राधेश्याम पाटीदार, मुकेश पटेल आदि प्रतिनिधि किसान थे।

जिलाध्यक्ष श्यामसिंह पंवार ने कहा कि 70 प्रतिशत से ज्यादा खरीफ फसल को नुकसान हुआ है। मिर्च का सर्वे चल रहा है कपास का नहीं। कपास खरीदी का अब पंजीयन हो रहा है। जबकि मंडी में 800 रुपए क्विंटल में मक्का बिक रही है। मक्का का पंजीयन कराकर 1 अक्टूबर से मंडी में खरीदी शुरू होना चाहिए।

प्रतिनिधी बोले- लगातार बारिश के कारण 70 फीसदी सड़ गए डेंडू

किसान प्रतिनिधियों ने बताया अतिवृष्टि तक कपास पर 40 से ज्यादा डेंडू लग चुके थे। यह फूटकर कपास की चुनाई होने की स्थिति में पहुंच गए थे। लगातार बारिश के कारण 70 फीसदी डेंडू सड़ गए। कई काले पड़ गए। किसान परिवारों ने तोड़कर घर पर उनमें से कपास निकाल रहे हैं। यह गीला आ रहा है। 2000 रुपए भी भाव नहीं मिलेंगे।



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