सलसलाई7 घंटे पहले
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बीते साल हुए फसलों की नुकसान की पटवारियों द्वारा सर्वे कर तैयार की गई रिपोर्ट में 80 से 85 प्रतिशत नुकसान बताया था। लेकिन जो सूची सामने आई है उसमें 63 प्रतिशत ही नुकसान दर्शाया गया। ऐसे में क्षेत्र के किसानों ने मांग की है कि लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। उक्त मामला तिंगजपुर में देखने को मिला। किसान राम तिवारी, सरपंच मदन मेवाड़ा ने बताया कि 2019 में जो नुकसान हुआ था उसका तत्कालीन पटवारी द्वारा किए गए सर्वे में 80 से 85 प्रतिशत नुकसान दर्शाया गया था। इसका पंचनामा भी हमारे पास है, अब जो नुकसान दर्शाकर बीमा की लिस्ट आई उसमें गांव का नुकसान 63 प्रतिशत दिया गया। बीमा कंपनी व राजस्व विभाग व कृषि विभाग जिस किसी की भी गलती हो उस पर कार्रवाई होना चाहिए अन्यथा हम कोर्ट में जाकर क्लेम करेंगे। मामले में गुलाना तहसीलदार आकाश शर्मा ने बताया कि ऐसा नहीं है जो 2019 में सर्वे किया गया था उसकी एक रिपोर्ट पटवारी द्वारा भू-अभिलेख कार्यालय में जमा नहीं कराई गई है। किसान आकर लोक सेवा के माध्यम से नुकसान पंचनामा देख सकता है।